-अधूरी बुनियादी सुविधाओं और लगातार कचरे के कारण बिल्डरों ने जताई चिंता, नीलामी रही असफल
-समस्याओं को लेकर जीडीए उपाध्यक्ष से मिले ट्रांस हिंडन बिल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम विस्तार योजना में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर आवंटियों और बिल्डरों का धैर्य टूटने लगा है। इन्हीं मुद्दों पर व्यापक चर्चा करने के लिए प्लॉट लेने वाले आवंटी, बिल्डर और ट्रांस हिंडन बिल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल से मिला। इस दौरान प्रतिनिधियों ने योजना क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं और जीडीए की लापरवाही पर गंभीर चिंता व्यक्त की। चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इंदिरापुरम विस्तार योजना में प्लॉट आवंटन हुए लगभग 10 से 12 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएँ स्थापित नहीं हो सकी हैं। बिजली और सीवर व्यवस्था पूरी तरह अधूरी है, जिससे निर्माण कार्य शुरू करना तो दूर, प्रारंभिक तैयारी तक संभव नहीं हो पा रही है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि नगर निगम द्वारा अभी भी उसी क्षेत्र में लगातार कूड़ा डाला जा रहा है, जिसके कारण न तो सफाई की स्थिति सुधर रही है और न ही वहाँ विकास कार्य आगे बढ़ पा रहा है। बिल्डरों ने स्पष्ट कहा कि कचरा डाले जाने के चलते जमीन की स्थिति निर्माण योग्य नहीं रह जाती और पूरा माहौल अव्यवस्थित हो जाता है। बिल्डरों और आवंटियों ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्लॉटों पर विकास कार्य अधूरे हैं, तब जीडीए द्वारा नियमित किस्त के साथ ब्याज वसूली करना तर्कसंगत नहीं है। उनका कहना है कि जीडीए ने न तो मौके पर सुविधाएँ उपलब्ध कराई और न ही कार्य की प्रगति को दर्शाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए, लेकिन भुगतान का दबाव बराबर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इंदिरापुरम विस्तार योजना में अधिकांश प्लॉट इंदिरापुरम क्षेत्र के बिल्डरों ने बिल्डिंग निर्माण के उद्देश्य से खरीदे थे। मगर जीडीए के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और अधूरे कार्यों के चलते बिल्डर परेशान हैं और परियोजनाओं की शुरुआत तक नहीं कर पा रहे। इसका प्रभाव जीडीए की प्लॉट नीलामी पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। प्र
तिनिधिमंडल ने कहा कि 1 दिसंबर को हुई हालिया नीलामी में जीडीए एक भी प्लॉट बेच नहीं पाया, जो कि पहली बार हुआ है। ट्रांस हिंडन बिल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस नीलामी में केवल दो प्लॉटों पर ही बोली लगी, वह भी अत्यंत कम दरों पर। ऐसे में संभावना है कि जीडीए इन बोलियों को रद्द करने पर विचार करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जीडीए की स्थिति और रवैया ऐसा ही बना रहा, तो आने वाली नीलामियाँ भी फीकी और असफल साबित होंगी, जिससे प्राधिकरण की विश्वसनीयता पर और प्रश्न खड़े होंगे। प्रतिनिधिमंडल में हिमांशु उप्पल, राहुल अग्रवाल, शिवकुमार गुप्ता, विनय गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, मुकेश कुमार, भंवर सिंह भड़ाना, चरणजीत सिंह पाठक, राज अग्रवाल और रविंद्र चौधरी सहित कई बिल्डर और आवंटी शामिल रहे।
















