गाजियाबाद में बोलें सीएम योगी…एसआईआर को गंभीरता से लें, शादी के कार्यक्रम कम और जनता के बीच ज्यादा रहें

-सीएम ने एसआईआर अभियान को लेकर मेरठ मंडल के जनप्रतिनिधियों और भाजपा संगठन के साथ की समीक्षा बैठक
-फर्जी मतदाता हटाएं, नवविवाहिताओं को शामिल करें और प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत प्रपत्र भरवाने का निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर में मेरठ मंडल के जनप्रतिनिधियों और भाजपा संगठन के पदाधिकारियों के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस बल हर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। करीब 50 मिनट चली बैठक में मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि एसआईआर अभियान को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाता सूची में शामिल हों और कोई भी योग्य मतदाता छूटने न पाए। साथ ही, फर्जी मतदाता सूची से हटाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पार्टी संगठन की भी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने बैठक में मेरठ मंडल के प्रत्येक जिले और विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े प्रस्तुत कर स्थिति की समीक्षा की। साहिबाबाद और अन्य ऐसे विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया, जहां गणना प्रपत्र कम जमा हो रहे थे।

मुख्यमंत्री ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि एसआईआर अभियान को अब प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर प्रत्येक बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) की मदद से शुद्ध और पूरी मतदाता सूची तैयार की जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिया कि नवविवाहिताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ें और अनुपस्थित श्रेणी में आने वाले मतदाताओं के बारे में पूरी जानकारी सुनिश्चित करें। यदि कोई व्यक्ति अब तक फॉर्म नहीं भर पाया है, तो उसकी मदद कर फॉर्म जमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल चुनाव आयोग का नहीं, बल्कि भाजपा संगठन का भी अभियान है। बैठक में मेरठ मंडल के सभी जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष, विधायक, सांसद, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप, पूर्व विधायक संगीत सोम, विधायक पंकज सिंह, संजीव शर्मा, नंदकिशोर गुर्जर और डॉ. मंजू सिवाच बैठक में शामिल हुए। भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया भी बैठक में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ निर्देश दिए कि शादी और अन्य व्यक्तिगत कार्यक्रम कम करें और जनता के बीच अधिक समय बिताएं। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट समय पर दें और किसी भी अवरोध की जानकारी तत्काल साझा करें। साथ ही, उन्होंने फर्जी मतदाता हटाने और शुद्ध सूची तैयार करने के लिए कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम में देरी से चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए हर बूथ पर शत-प्रतिशत प्रपत्र भरवाना सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि यह अभियान केवल मतदाता सूची का नवीनीकरण नहीं है, बल्कि संगठन की मजबूती और जनता के बीच पहुंच बढ़ाने का अवसर भी है। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी से यह भी कहा कि वर्तमान चुनावी और सामाजिक माहौल में प्रत्येक पदाधिकारी को जिम्मेदारियों के साथ काम करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथ स्तर तक जाकर मतदाता प्रपत्र भरवाने का कार्य पूरी निष्ठा और सक्रियता से करना चाहिए।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कौन से विधानसभा क्षेत्रों में काम सुचारू रूप से नहीं चल रहा है और वहां तत्काल सुधार की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में कार्य की निगरानी की जाएगी और कोई भी कार्य अधूरा न रहे। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक बूथ में समय पर और सही जानकारी के आधार पर मतदाता सूची अपडेट हो। मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी को यह संदेश दिया कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य केवल प्रशासनिक आंकड़ों को पूरा करना नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की नींव को मजबूत करना और संगठन की सुदृढ़ता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता व्यक्तिगत हितों को पीछे रखकर अभियान को प्राथमिकता दें। बैठक के अंत में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने एसआईआर अभियान को प्रभावी बनाने और प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत प्रपत्र भरवाने के संकल्प के साथ बैठक का समापन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि संगठन और जनता के बीच संबंध मजबूत करना ही इस अभियान की सफलता की कुंजी है।