-व्यवस्थाएँ दुरुस्त करने के सख़्त निर्देश, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश, बिस्तरों की संख्या बढ़ाने पर जोर; 22 आश्रय स्थल पूरी तरह तैयार
-ठंड बढ़ी तो अलर्ट मोड पर नगर निगम: बेघर और यात्रियों के लिए बढ़ाई सुविधाएँ
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कड़ाके की सर्दी ने पूरे जिले में ठिठुरन बढ़ा दी है, ऐसे में शहर के बेघर, निराश्रित और यात्रियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम पूरी सक्रियता से मैदान में उतर आया है। इसी क्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शुक्रवार को अचानक रैन बसेरों का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। नगर आयुक्त कवि नगर तथा सिटी जोन के कई रैन बसेरों पर पहुंचे और नसीरपुर फाटक व रोडवेज बस अड्डे स्थित आश्रय स्थलों पर पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बिस्तरों की उपलब्धता और रात्रि सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आश्रय स्थल पर प्रतिदिन फागिंग, पर्याप्त सफाई, व्यवस्थित पेयजल और रात में उजाला बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि ठंड को देखते हुए बिस्तरों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी निराश्रित या यात्री को खुले में रात गुजारने के लिए मजबूर न होना पड़े। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद और प्रभारी उद्यान डॉक्टर अनुज कुमार सिंह भी साथ मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पाया कि कई स्थानों पर रैन बसेरों की जानकारी आमजन तक सही ढंग से नहीं पहुंच रही है। इस पर उन्होंने तत्काल निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर बड़े सूचना बोर्ड लगाए जाएं ताकि निराश्रित अपनी सुविधा के अनुसार आसानी से आश्रय ले सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि खुले में कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण परेशानी या खतरे में न आए, यह नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए उन्होंने रात्रिकालीन मॉनिटरिंग बढ़ाने के भी आदेश दिए और कहा कि निगम के अधिकारी नियमित रूप से रैन बसेरों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करें। नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में नगर निगम द्वारा संचालित 22 आश्रय स्थल पूरी तरह सुव्यवस्थित किए जा चुके हैं। बढ़ती ठंड और भीड़ को देखते हुए आवश्यकता पडऩे पर और अधिक स्थायी व अस्थायी आश्रय स्थल भी तैयार किए जाएंगे।
शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था भी की गई है, ताकि सड़कों पर रहने वाले लोग ठंड से राहत पा सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि रैन बसेरों में आने वाले लोगों की पहचान पत्र की जांच अनिवार्य रूप से की जाए ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे। नगर निगम द्वारा संचालित सभी रैन बसेरों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें प्रतिदिन सफाई, पेयजल, स्नानघर, रसोई सामग्री, पर्याप्त बिस्तर और सुरक्षा गार्ड की तैनाती शामिल है। रैन बसेरों में ठहरने वाले लोगों को सुविधाजनक अनुभव हो, इस दिशा में नगर निगम लगातार प्रयासरत है। सुबह-शाम साफ-सफाई की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त रोशनी और निगरानी से आश्रय स्थलों की व्यवस्था और मजबूत हो गई है। तेज ठंड के बीच गाजियाबाद नगर निगम के प्रयासों को शहरवासियों और सामाजिक संगठनों ने सराहनीय बताया है। रैन बसेरों में व्यवस्थाएं बेहतर होने से बेघर, निराश्रित और दूर-दराज से आए यात्रियों को राहत मिल रही है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की सक्रियता, औचक निरीक्षण और तत्पर निर्देशों ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी नागरिक को ठंड के कारण कोई तकलीफ न हो और हर जरूरतमंद को सुरक्षित आश्रय मिले।
















