ठंड की रातों में नगर आयुक्त सड़कों पर उतरे, रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

-निराश्रितों और राहगीरों से की सीधी बातचीत, कंबल वितरण के साथ स्वच्छता, सुरक्षा और रोशनी व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बढ़ती ठंड को देखते हुए नगर निगम पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने रविवार देर रात शहर के विभिन्न रैन बसेरों और सार्वजनिक स्थलों का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस रात्रिकालीन निरीक्षण का उद्देश्य निराश्रितों, जरूरतमंदों और राहगीरों को ठंड से सुरक्षित रखने के लिए नगर निगम द्वारा की गई व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को परखना था। नगर आयुक्त ने वसुंधरा जोन अंतर्गत कौशांबी क्षेत्र में स्थित स्थायी रैन बसेरे तथा सिटी जोन अंतर्गत पुराने बस अड्डे पर बने रैन बसेरे का निरीक्षण किया। मौके पर अलाव जलते हुए पाए गए और साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक रही। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने रैन बसेरों में ठहरे आश्रितों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना और उनसे मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान आश्रितों के आधार कार्ड की जांच भी की गई और मौके पर मौजूद अधिकारियों को सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन के साथ कार्य करने के सख्त निर्देश दिए गए। निरीक्षण के समय वसुंधरा जोनल प्रभारी एस.के. राय, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक अशोक तथा सिटी जोनल प्रभारी आर.पी. सिंह भी उपस्थित रहे।

ठंड के प्रकोप को देखते हुए नगर आयुक्त ने प्रकाश विभाग को रैन बसेरों में हीटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने रात्रि भ्रमण के दौरान गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, कौशांबी मेट्रो स्टेशन, आनंद विहार बस अड्डा तथा पुराना बस अड्डा का भी दौरा किया। इन स्थानों पर जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए गए, जिससे उन्हें ठंड से राहत मिल सके। रात्रि निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने शहर की रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था का भी जायजा लिया। बाजार बंद होने के बाद प्रतिदिन विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। निगरानी को और मजबूत करने के लिए संबंधित अधिकारियों को रात में ही फोन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शहर के प्रमुख और आवश्यक स्थानों पर सजावटी प्रकाश व्यवस्था लगाने के भी निर्देश दिए गए, जिससे शहर की सुंदरता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।

नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा ठंड से बचाव के लिए रैन बसेरों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां निराश्रितों को केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि रसोईघर, स्नानघर और महिलाओं के लिए अलग ठहराव की व्यवस्था भी की गई है। आवश्यकता पड़ने पर और अधिक अस्थायी एवं स्थायी आश्रय स्थल स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों की निरंतर निगरानी में आश्रय स्थलों में नियमित साफ-सफाई, फॉगिंग और अन्य आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। रैन बसेरों में टेलीविजन, गर्म बिस्तर और तख्त की भी व्यवस्था की गई है। नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि आने वाले विद्यार्थी भी नगर निगम के आश्रय स्थलों में ठहर रहे हैं। यहां रुकने वाले प्रत्येक आश्रित का आधार कार्ड सत्यापित किया जा रहा है और पहचान के उपरांत राहगीरों को भी विश्राम की सुविधा प्रदान की जा रही है। नगर निगम का प्रयास है कि कड़ाके की ठंड में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो और सभी को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक आश्रय उपलब्ध कराया जा सके।