गाजियाबाद पुलिस की 10 साल की मेहनत: 10 साल में 12366 अपराधियों की पहचान, 8180 के डोजियर तैयार

-बीट अधिकारियों की सक्रियता से अपराधियों पर पैनी नजर, लूट-डकैती और चोरी जैसे गंभीर अपराधों में कमी
-पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ के निर्देशन में चलाया गया विशेष अभियान, बीट अधिकारियों की सक्रिय निगरानी से अपराधियों पर लगाई सख्त नजर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में अपराधों पर नियंत्रण और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने पिछले दस वर्षों से अपराधों में लिप्त अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में 12,366 अपराधियों को चिन्हित किया गया और 8,180 अपराधियों के थाने स्तर पर विस्तृत डोजियर तैयार किए गए। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों की पहचान करना, उनका आपराधिक रिकॉर्ड अद्यतन करना और संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखना है। इस पहल के तहत लूट, डकैती, चेन स्नैचिंग, चोरी, नकबजनी और गौकशी जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों को चिन्हित कर उनके ठिकानों, गतिविधियों और सामाजिक व्यवहार का मूल्यांकन किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराधियों को सुधार की दिशा में प्रेरित करना और उन्हें पुन: अपराध करने से रोकना भी है। अभियान के दौरान बीट सब-इंस्पेक्टर और बीट पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधियों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया और उन्हें थाने में तलब किया।

थानों पर अपराधियों के विस्तृत डोजियर तैयार किए गए, जिनमें उनका आपराधिक इतिहास, वर्तमान निवास स्थान, संपर्क विवरण और गतिविधियों का रिकॉर्ड शामिल किया गया। अपराधियों से लिखित और मौखिक आश्वासन लिया गया कि वे भविष्य में अपराध से दूर रहेंगे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि एक जनवरी 2015 से डकैती, लूट, छिनैती, चोरी, नकबजनी और गौकशी जैसे अपराधों में शामिल अपराधियों के डोजियर तैयार किए गए हैं। इसके तहत डकैती के 466 अपराधियों में 360 के, लूट एवं छिनैती के 3,470 अपराधियों में 2,186 के, चोरी करने वाले 6,376 में 4,017 के, नकबजनी के 1,446 में 1,052 और गौकशी के 608 अपराधियों में 565 के डोजियर थानों में भरे गए। इस अभियान की सफलता का प्रमुख कारण बीट अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। प्रत्येक बीट अधिकारी अपने क्षेत्र में अपराधियों का सत्यापन कर रहा है और उनकी गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रख रहा है। यह कदम विशेष रूप से जमानत पर चल रहे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने में सहायक साबित हुआ है।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस अभियान से गाजियाबाद में अपराधों में कमी आई है। विशेषकर लूट, छिनैती, चोरी, डकैती और महिला संबंधी अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही, अभ्यस्त अपराधियों की निगरानी और नियंत्रण में भी सुधार हुआ है। गौड़ ने आगे कहा कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ अपराधियों की पहचान नहीं है, बल्कि उन्हें सुधार और सामाजिक रूप से लाभकारी गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है। इसके साथ ही यह अभियान समाज में भयमुक्त वातावरण स्थापित करने और नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

इस पहल से यह भी स्पष्ट हुआ कि गाजियाबाद पुलिस जनपदवासियों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार के अपराध को बर्दाश्त नहीं करेगी। अपराधियों के खिलाफ लगातार निगरानी और कड़े कदम उठाने से जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिली है। जिलाधिकारी और पुलिस विभाग ने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी अपराधियों की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी। समाज में सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान एक मिसाल बनकर उभरा है, जिससे नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ी है।