पुलिस का डिजिटल मिशन: 65 लाख के 246 मोबाइल बरामद, पीडि़तों को लौटाए गए

-स्नैचिंग और चोरी के मोबाइलों को ट्रेस कर तकनीकी टीम ने खोज निकाला, ट्रांस हिंडन जोन में सुरक्षा और निगरानी की मिसाल कायम
-कौशांबी और इंदिरापुरम पुलिस सबसे आगे, मोबाइल चोरी और लूट पर नियंत्रण के लिए अभियान जारी
-सर्विलांस टीम और सीईआईआर पोर्टल से अपराधियों पर नजर, पीडि़तों के चेहरे खिल उठे

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन जोन पुलिस ने चोरी, लूट और गुम हुए 246 मोबाइल फोन बरामद कर पीड़ितों को सौंपकर एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का परिचय दिया। मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित परमजीत हॉल में डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने मोबाइलों को पीड़ितों के हाथों में सौंपा, तो वहां मौजूद लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 65 लाख रुपए है। उन्होंने कहा कि शहर में रोजाना मोबाइल गुम होने, चोरी या स्नैचिंग की शिकायतें आती हैं। इन मोबाइलों को ट्रेस करने के लिए ट्रांस हिंडन पुलिस की सर्विलांस टीम निरंतर सक्रिय रहती है। इस अभियान में सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल का उपयोग कर तकनीकी सहायता से मोबाइलों को ट्रेस किया गया।

बरामद किए गए 246 मोबाइलों में से तीन चोरी के थे, जबकि 243 गुम हुए मोबाइल थे। मोबाइलों की बरामदगी के बाद पीड़ितों को मंगलवार को पुलिस लाइन में बुलाकर उनके मोबाइल वापस किए गए। पीडि़तों ने पुलिस की इस कार्रवाई की जमकर तारीफ की और कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल इतने तेजी से लौट आएंगे। डीसीपी ने बताया कि मोबाइलों की बरामदगी तमिलनाडू, हरियाणा, बिहार और दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग स्थानों से हुई है। पुलिस इन मोबाइलों की चोरी में संलिप्त चोरों का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ कर रही है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ट्रांस हिंडन जोन में सबसे अधिक मोबाइल बरामद करने के मामले में कौशांबी पुलिस सबसे आगे रही, जिन्होंने 69 मोबाइल बरामद किए। इसके अलावा इंदिरापुरम पुलिस ने 61, खोड़ा पुलिस ने 31, टीला मोड़ पुलिस ने 11, लिंक रोड पुलिस ने 23, साहिबाबाद पुलिस ने 25 और शालीमार गार्डन पुलिस ने 26 मोबाइल बरामद किए।

डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उनका कहना है कि तकनीकी सहायता, नियमित सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर सक्रिय टीमों की मदद से चोरी और गुम हुए मोबाइलों को समय पर बरामद करना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मोबाइल बरामदगी के मामले में ट्रांस हिंडन जोन की पुलिस ने सुरक्षा और तकनीकी निगरानी की मिसाल कायम की है। इस कार्रवाई से न केवल पीडि़तों को राहत मिली है, बल्कि अपराधियों के लिए यह संदेश भी गया है कि पुलिस उनकी किसी भी अवैध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करेगी। डीसीपी ने यह स्पष्ट किया कि मोबाइल चोरों और अवैध खरीददारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान गाजियाबाद पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी क्षमता का परिचायक है, जो सामान्य नागरिकों के लिए सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है और अपराधियों के लिए चेतावनी का संदेश देता है।