-अध्यक्ष-सचिव का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद मनमाने ढंग से कार्य करने का आरोप
-डिफाल्टर सूची की लगातार मांग के बावजूद प्रबंधन द्वारा अनदेखी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित फॉर्च्यून रेजिडेंसी सोसायटी में गत वित्तीय वर्ष 2025 की डिफाल्टर सूची अब तक जारी न होने को लेकर निवासियों में भारी रोष व्याप्त है। सोसायटी वासियों का आरोप है कि एओए के अध्यक्ष और सचिव का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद वे मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं और जानबूझकर डिफाल्टरों की सूची सार्वजनिक नहीं की जा रही है। इस संबंध में एक निवासी द्वारा अध्यक्ष-सचिव को पत्र लिखकर तीन दिन के भीतर डिफाल्टर सूची जारी करने की मांग की गई है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि सोसायटी में कई ऐसे निवासी हैं जो सभी सुविधाओं का नियमित रूप से उपयोग कर रहे हैं, लेकिन मेंटेनेंस शुल्क और बिजली बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इसके बावजूद उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे, जिससे ईमानदारी से भुगतान करने वाले निवासियों में गहरी नाराजगी है।
निवासियों का कहना है कि डिफाल्टर सूची की मांग बीते कई महीनों से ई-मेल, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से की जा रही है, लेकिन सोसायटी प्रबंधन द्वारा इसे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। जब इस मामले में जिला अधिकारी से शिकायत की गई तो डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसायटी एवं चिट्स गाजियाबाद द्वारा 4 दिसंबर 2025 को डिफाल्टर सूची जारी करने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। सोसायटी वासियों ने पत्र में चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर डिफाल्टर सूची जारी नहीं की गई तो 28 दिसंबर 2025, रविवार को सुबह 10 बजे से सोसायटी गेट के बाहर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी सोसायटी प्रबंधन की होगी। निवासियों ने यह भी बताया कि प्रदर्शन में वरिष्ठ नागरिक और हृदय रोग से पीड़ित लोग भी शामिल हो सकते हैं, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पत्र की प्रतिलिपि जिला अधिकारी, पुलिस आयुक्त गाजियाबाद, चुनाव अधिकारी फॉर्च्यून रेजिडेंसी तथा एसीपी नंदग्राम को भी भेजी गई है। सोसायटी वासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन और प्रबंधन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।
















