नववर्ष से पहले शराब माफियाओं के लिए अलर्ट: बलिया में आबकारी विभाग ने बढ़ाई निगरानी

• देहात क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी: नववर्ष से पहले विशेष अभियान
• गड्ढों और झाड़ियों में छिपाई अवैध शराब बरामद, लहन नष्ट
• आबकारी अधिकारी की रणनीति से शराब माफिया फेल, जनपद में सुरक्षित माहौल
• शराब तस्करों के खिलाफ कानून की सख्ती: एक्शन के बाद दर्ज हुआ अभियोग
• आबकारी विभाग की सक्रियता से बलिया में बढ़ा राजस्व और जनता में सुरक्षा की भावना 
उदय भूमि संवाददाता
बलिया। जनपद बलिया में नववर्ष के आगमन से पहले अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। बाहरी राज्यों से होने वाली शराब तस्करी पर लगाम कसने के साथ-साथ देहात क्षेत्रों में तैयार की जा रही महुआ की अवैध शराब को रोकना विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में आबकारी विभाग 24 घंटे अलर्ट मोड पर कार्य कर रहा है। ग्रामीण अंचलों में अवैध महुआ शराब का सेवन गरीब और कमजोर तबके के लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। शराब माफिया द्वारा तैयार की जा रही इस कच्ची शराब में न तो किसी तरह का मानक अपनाया जाता है और न ही नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री की मात्रा का कोई नियंत्रण होता है। यही वजह है कि आबकारी विभाग आमजन की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए देहात क्षेत्र में लगातार दबिश और छापेमारी कर रहा है।
अवैध शराब के अड्डों तक पहुंचना आबकारी विभाग की टीम के लिए आसान नहीं होता। कई बार टीम को कई-कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, तो कभी नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। इसके बाद शुरू होता है खोजबीन का असली खेल, क्योंकि शराब माफिया बेहद शातिर तरीके से अवैध शराब को झाडिय़ों के बीच, जंगलों में या जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर छिपा देते हैं। लेकिन आबकारी विभाग की पैनी नजर, मजबूत खुफिया तंत्र और सटीक रणनीति के सामने शराब माफिया की सारी चालें विफल हो जा रही हैं। जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की स्पष्ट नीति है कि अवैध शराब न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह आमजन के जीवन से खिलवाड़ भी है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि गुरुवार को आबकारी विभाग की टीम और स्थानीय थाना रेवती की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम भाखर में बड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान मौके से लगभग 25 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई और करीब 1200 किलोग्राम लहन को मौके पर ही नष्ट किया गया। शराब माफियाओं ने अवैध शराब को जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर छिपा रखा था, ताकि किसी को भनक न लगे। लेकिन आबकारी टीम ने पूरी सतर्कता और सूझबूझ के साथ शराब को बरामद किया और अवैध भट्टी को ध्वस्त कर दिया। इस मामले में एक अभियोग पंजीकृत कर आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की गई है। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चल रही इस मुहिम के पीछे आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की सख्त और अनुशासित कार्यशैली साफ झलकती है। वे केवल कार्यालय तक सीमित रहने वाले अधिकारी नहीं हैं, बल्कि फील्ड में उतरकर स्वयं निगरानी करते हैं और टीम को लगातार निर्देश देते रहते हैं।
उनकी नीति साफ है-अवैध शराब का पूर्ण खात्मा और जिले में सुरक्षित, स्वस्थ वातावरण की स्थापना। इसी नीति के चलते न केवल शराब माफियाओं पर दबाव बना है, बल्कि विभाग का राजस्व भी लगातार बढ़ रहा है। नववर्ष के मद्देनजर आबकारी विभाग ने देहात से लेकर शहरी क्षेत्रों तक निगरानी और सख्त कर दी है। विभाग का प्रयास है कि किसी भी हाल में अवैध शराब का निर्माण, भंडारण और बिक्री न हो। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो दिन-रात भ्रमण कर रही हैं। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।
आबकारी विभाग की इस सख्त कार्रवाई का सबसे बड़ा उद्देश्य आमजन की सुरक्षा है। अवैध शराब से होने वाली मौतों और बीमारियों को रोकने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। विजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में यह संदेश साफ हो गया है कि बलिया में अब अवैध शराब के लिए कोई जगह नहीं है। नववर्ष के अवसर पर आबकारी विभाग की यह मुहिम न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित कर रही है, बल्कि जिले को एक सुरक्षित, स्वस्थ और भयमुक्त वातावरण देने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रही है।