गाजियाबाद कि फॉर्च्यून रेजिडेंसी सोसायटी में डिफाल्टर सूची जारी नहीं होने पर निवासियों ने अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ खोला मोर्चा

-अध्यक्ष-सचिव की लापरवाही के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित फॉर्च्यून रेजिडेंसी सोसायटी के निवासियों का धैर्य अब जवाब दे गया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025 की डिफाल्टर सूची लगातार समय पर जारी न होने और अध्यक्ष-सचिव की कथित लापरवाही के कारण रविवार को स्थानीय निवासियों ने हाथों में बैनर लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी निवासियों का कहना है कि सोसायटी में कुछ ऐसे सदस्य हैं, जो सभी सुविधाओं का लाभ उठाते हुए भी मेंटेनेंस और बिजली बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इस स्थिति में डिफाल्टरों की सूची सार्वजनिक करना आवश्यक था, ताकि बाकी निवासियों की परेशानी और असमंजस दूर हो सके।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि डिफाल्टर सूची की मांग पहले भी ई-मेल, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार की गई, लेकिन अध्यक्ष और सचिव द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।  ‘हमने कई बार अनुरोध किया, लेकिन सोसायटी के एओए की लापरवाही के कारण सूची अब तक जारी नहीं की गई। यही वजह है कि आज हम सड़क पर उतरकर अपनी मांग जता रहे हैं, हृदय रोग से पीडि़त एक निवासी ने बताया। प्रदर्शनकारी निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि अगले एक सप्ताह के अंदर डिफाल्टर सूची जारी नहीं की गई, तो वे अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अध्यक्ष और सचिव अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे हैं और उनकी लापरवाही के कारण सोसायटी में पारदर्शिता और विश्वास दोनों प्रभावित हो रहे हैं। निवासियों ने कहा कि डिफाल्टर सूची न केवल बाकी सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि यह सोसायटी में अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।  ‘हम सभी लोग अपने हिस्से का भुगतान समय पर कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग बिल न चुकाकर बाकी निवासियों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। ऐसे में लापरवाही बरतने वाले अध्यक्ष-सचिव पर कार्रवाई होनी चाहिए, उन्होंने जोर देकर कहा।इस मामले में पहले भी जिला अधिकारी से शिकायत की गई थी, जिसके बाद डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसायटी एवं चिट्स गाजियाबाद ने 4 दिसंबर 2025 को डिफाल्टर सूची जारी करने के आदेश दिए थे। बावजूद इसके, सोसायटी प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे निवासियों में गहरी नाराजगी है।

प्रदर्शन के दौरान संजय सिंह यादव, नितिन शर्मा, संदीप चौहान, सीएस त्यागी, अंश सक्सैना, राजेश, कमलेश, कनक सिंह सहित सैकड़ों निवासियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी सोसायटी प्रबंधन की होगी। प्रदर्शनकारी यह भी मांग कर रहे हैं कि अध्यक्ष और सचिव को जिम्मेदारी से हटाकर सूची तुरंत जारी की जाए। निवासियों ने कहा कि यह उनका अधिकार है कि वे अपने सोसायटी में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। उनका कहना है कि डिफाल्टरों की सूची सार्वजनिक न होने से कई परिवार परेशान हैं और उनके वित्तीय हित प्रभावित हो रहे हैं।  हमारे धैर्य का भी एक हद होता है। अब हम केवल मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे हैं। हमें सोसायटी में न्याय चाहिए, एक वरिष्ठ निवासी ने कहा।

स्थानीय निवासियों का यह विरोध प्रदर्शन यह स्पष्ट करता है कि अब सोसायटी में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को लेकर जनता की सहनशीलता समाप्त हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सूची जारी नहीं हुई तो वे और भी बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को तैयार हैं। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट हो गया है कि अध्यक्ष और सचिव की लापरवाही ने सोसायटी निवासियों के धैर्य की परीक्षा ले ली है। अब समय आ गया है कि सोसायटी प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी समझे और डिफाल्टर सूची को तुरंत जारी कर निवासियों की मांगों को पूरा करे।