थानों में खुला संवाद, टूटा भ्रम: तीन माह में 5127 वादियों से सीधा संवाद

• वादी संवाद दिवस से सशक्त हुआ विश्वास का सेतु, पारदर्शिता और शीघ्र न्याय की ओर ठोस कदम: जे. रविन्दर गौड़

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में पुलिस और आमजन के बीच विश्वास की खाई को पाटने की दिशा में शुरू की गई वादी संवाद दिवस की पहल अब ठोस परिणाम देती नजर आ रही है। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ के निर्देशन में प्रत्येक बुधवार को सभी थानों पर आयोजित किए जा रहे वादी संवाद दिवस के तहत सितंबर से दिसंबर के बीच तीन माह में कुल 5127 वादियों से सीधा संवाद किया गया। इस दौरान वादियों को उनके मुकदमों की वर्तमान स्थिति, विवेचना की प्रगति और अब तक की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी दी गई। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने बताया कि कमिश्नरेट गाजियाबाद में जनता को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वादी संवाद नीति को लागू किया गया है। इसी नीति के तहत तीन सितंबर को कमिश्नरेट के सभी थानों पर पहला वादी संवाद दिवस आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य वादियों और पुलिस के बीच सार्थक संवाद स्थापित कर पारदर्शिता, विश्वास और शीघ्र न्याय की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाना है।

वादी संवाद दिवस के दौरान विवेचनाधीन अभियोगों से संबंधित एफआईआर, एनसीआर और गुमशुदगी मामलों के वादियों को थानों पर आमंत्रित किया गया। वादियों को उनके मामलों के विवेचकों के साथ बैठाकर संवाद कराया गया, जहां उन्हें विवेचना की वर्तमान स्थिति और प्रगति की विस्तृत जानकारी दी गई। वादियों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक, उचित और संतोषजनक उत्तर दिया गया, जिससे उन्हें अपने मामलों को लेकर स्पष्टता और भरोसा मिला। इस पहल के चलते थानों में विशेष दिवस पर ऐसा माहौल देखने को मिला, जहां पुलिस और वादी आमने-सामने बैठकर संवाद करते नजर आए। वादियों को यह भरोसा दिलाया गया कि उनके मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और न्यायिक प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इससे न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित हुई, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का वातावरण भी मजबूत हुआ।

आंकड़ों की बात करें तो तीन सितंबर से 24 दिसंबर तक आयोजित कुल 17 वादी संवाद दिवसों में नगर जोन से 1687, ट्रांस हिंडन जोन से 1244 और ग्रामीण जोन से 2196 वादी संवाद के लिए थानों में उपस्थित हुए। इस तरह कुल 5127 वादियों ने इस पहल के माध्यम से अपने मामलों से जुड़ी अद्यतन जानकारी प्राप्त की। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ का कहना है कि वादी संवाद दिवस गाजियाबाद पुलिस की एक जन-सरोकार आधारित पहल है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक वादी को अपने प्रकरण की सही और समय पर जानकारी मिले, जिससे उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास और संतोष प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि यह नई पहल पुलिस और जनता के बीच आपसी सहयोग और विश्वास को और अधिक मजबूत करेगी। कमिश्नरेट पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जन-केंद्रित पुलिसिंग के तहत भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार जारी रहेंगे, ताकि कानून व्यवस्था के साथ-साथ जनता का भरोसा भी लगातार मजबूत होता रहे।

जे. रविन्दर गौड़
पुलिस कमिश्नर

वादी संवाद दिवस पुलिस और जनता के बीच भरोसे की दीवार को मजबूत करने का माध्यम बना है। हमारा उद्देश्य सिर्फ विवेचना करना नहीं, बल्कि वादी को यह भरोसा दिलाना है कि उसका मामला गंभीरता से सुना और समझा जा रहा है। पारदर्शिता, संवाद और समयबद्ध कार्रवाई से ही न्याय की सच्ची भावना पूरी होती है। गाजियाबाद पुलिस इसी सोच के साथ जन-केंद्रित पुलिसिंग को लगातार आगे बढ़ा रही है।
जे. रविन्दर गौड़
पुलिस कमिश्नर