• ‘सेफ्टी फर्स्ट’ मिशन के तहत 60 रेस्टोरेंट और 250 होटलों का निरीक्षण
• 8 हॉट स्पॉट चिन्हित, हर स्थल पर गाड़ी और कर्मियों की टीम लगातार अलर्ट
• बिना एनओसी और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट किसी भी आयोजन पर रोक
• आग से बचाव और आपातकालीन निकास सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नववर्ष 2026 का जश्न हर साल की तरह इस बार भी उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। लेकिन पिछले साल देश के कुछ हिस्सों में हुई आगजनी जैसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद प्रशासन और दमकल विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने का फैसला किया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में दमकल विभाग ने पूरे जिले में ‘सेफ्टी फर्स्ट’ मिशन के तहत सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता कर दिया है। राहुल पाल की टीम ने पहले ही जिले के 60 रेस्टोरेंट और बार तथा लगभग 250 होटलों में फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास और अलार्म सिस्टम का निरीक्षण शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट केवल कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आमजन की सुरक्षा का वास्तविक प्रमाण है। जब तक सुरक्षा मानक पूरे नहीं होंगे, तब तक किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को नए साल के जश्न के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। दमकल विभाग ने जिले में 8 हॉट स्पॉट चिन्हित किए हैं, जहां नए साल के मौके पर सबसे अधिक भीड़ उमडऩे की संभावना है।
इनमें अटल चौक वसुंधरा, काला पत्थर रोड, आदित्य मॉल इन्दिरापुरम, थाना टीलामोड, क्रासिंग रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन, पुराना बस अड्डा गाजियाबाद, राजचौपला मोदीनगर और थाना मुरादनगर व थाना लोनी शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर प्रत्येक फायर स्टेशन से कम से कम एक गाड़ी और चार से पांच कर्मियों की टीम तैनात रहेगी, जो आग लगने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी और आमजन को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेगी। राहुल पाल ने बताया कि उनकी टीम केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं है। प्रत्येक होटल, रेस्टोरेंट और बार में कर्मचारियों और प्रबंधकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे आग से बचाव के उपायों को समझें और आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि बिना एनओसी और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट किसी भी प्रकार के नववर्ष आयोजन पर सख्त रोक है। उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दमकल विभाग की टीम ने होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षा उपकरणों के उपयोग, आपातकालीन निकास और फायर अलार्म की कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राहुल पाल ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल उत्सव को रोकना नहीं है, बल्कि इसे सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाना है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों और सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखें और सुनिश्चित करें कि वे जिस स्थल पर जश्न मनाने जा रहे हैं, वहां फायर अलार्म, आपातकालीन निकास और सुरक्षा गार्ड मौजूद हैं। राहुल पाल की कार्यशैली अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक उदाहरण है।
उनका तरीका केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं है बल्कि प्रत्येक स्थल पर सुरक्षा उपायों को लागू कराना, कर्मचारियों और प्रबंधकों को प्रशिक्षित करना, और आमजन को जागरूक करना भी शामिल है। इस बार के नववर्ष के मौके पर गाजियाबाद में सुरक्षा और आगजनी से बचाव की तैयारियों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि राहुल पाल और उनकी टीम का समर्पण नागरिकों के लिए राहत का कारण बनेगा। गाजियाबाद प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम 31 दिसंबर की रात से नववर्ष 2026 के जश्न पर नजर रखेगी। 8 हॉट स्पॉट पर तैनात फायर गाडिय़ां और कर्मी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगे। होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को सुरक्षा उपकरणों के कार्यान्वयन और कर्मचारियों की जागरूकता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। राहुल पाल ने आश्वासन दिया है कि हर साल की तरह इस बार भी नववर्ष का जश्न सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से मनाया जाएगा।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी
नववर्ष 2026 के अवसर पर हमारी प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा है। हमने जिले के 8 हॉट स्पॉट चिन्हित किए हैं, जहां फायर गाडिय़ों और कर्मियों की टीम लगातार तैनात रहेगी। होटल, बार और रेस्टोरेंट मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना एनओसी और फायर सेफ्टी मानकों के कोई आयोजन नहीं किया जाएगा। फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट सिर्फ कागज नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा का वास्तविक प्रमाण है। हमें उम्मीद है कि नागरिक और प्रतिष्ठान दोनों ही सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे। हमारी टीम हर समय सतर्क रहेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी। नववर्ष का उत्सव सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राहुल पाल
मुख्य अग्निशमन अधिकारी

















