-राजस्व वृद्धि से लेकर ड्रंक एंड ड्राइव पर सख्ती तक, जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली की सर्वत्र सराहना
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। वर्ष 2025 अपनी अंतिम घडिय़ों में था और नववर्ष 2026 के स्वागत को लेकर पूरे जिले में उत्साह और उल्लास का माहौल बना हुआ था। होटल, रेस्टोरेंट, बार, बैंक्वेट हॉल, सोसायटियों और सार्वजनिक स्थलों पर नववर्ष की पार्टियों का आयोजन किया गया। इस जश्न के बीच जहां लोग नए साल की खुशियों में डूबे नजर आए, वहीं आबकारी विभाग ने अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करते हुए सुरक्षा, अनुशासन और राजस्व संतुलन की मिसाल पेश की। नववर्ष के अवसर पर आबकारी विभाग की भूमिका केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं रही, बल्कि आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी विभाग पूरी तरह सक्रिय रहा। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभाग की टीमों ने दिन-रात जिलेभर में निगरानी रखते हुए लाइसेंसी शराब दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट, बार, बैंक्वेट हॉल और सोसायटियों का औचक निरीक्षण किया। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कहीं भी बिना लाइसेंस के शराब पार्टी का आयोजन न हो और बाहरी राज्यों की अवैध शराब का सेवन न किया जाए।
नववर्ष के दौरान अक्सर शराब के अत्यधिक सेवन के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए आबकारी विभाग ने पुलिस विभाग के साथ समन्वय बनाकर सड़कों पर ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से अधिक जनसुरक्षा था, ताकि हर व्यक्ति जश्न के बाद सुरक्षित रूप से अपने घर पहुंच सके और किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली इस अभियान में विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि समाज की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि नववर्ष के उपलक्ष्य में 30 और 31 दिसंबर की रात को अन्य दिनों की तुलना में लाइसेंसी शराब की दुकानों को एक घंटा अतिरिक्त खोलने की अनुमति दी गई, ताकि अवैध बिक्री की संभावनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि दुकानों पर ओवररेटिंग न हो, उपभोक्ताओं को तय दर पर ही मदिरा उपलब्ध कराई जाए और कहीं भी नियमों का उल्लंघन न हो। आबकारी विभाग की टीमों ने रातभर क्षेत्र में गश्त कर निरीक्षण किया और हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर बनाए रखी।
बुधवार को आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, डॉ. शिखा ठाकुर, अखिलेश बिहारी वर्मा, अभिनव शाही, सचिन त्रिपाठी, नामवर सिंह और संजय चन्द्र की संयुक्त टीमों ने जिले की देशी शराब दुकानें, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप, बार और होटलों का सघन निरीक्षण किया। थाना जेवर पुलिस के साथ मिलकर ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया, जिससे सड़कों पर अनुशासन बना रहा। निरीक्षण के दौरान सभी अनुज्ञापियों को सीसीटीवी कैमरों की रियल टाइम रिकॉर्डिंग चालू रखने, पीओएस मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने और नियमों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही दुकानों पर गोपनीय टेस्ट परचेज भी कराए गए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सके।
आबकारी विभाग की इस सतर्कता और समर्पण के कारण नववर्ष का जश्न जिले में शांतिपूर्ण, सुरक्षित और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। आम नागरिकों ने विभाग की इस सक्रिय भूमिका की खुले तौर पर सराहना की और कहा कि यदि ऐसे ही जिम्मेदार अधिकारी और टीमें कार्य करें, तो त्योहारों और आयोजनों के दौरान अव्यवस्था और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। नववर्ष 2026 के स्वागत में आबकारी विभाग की यह कार्यशैली न केवल प्रशासनिक सजगता का उदाहरण बनी, बल्कि यह भी संदेश दे गई कि जश्न और जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं।



















