-अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से निवेश ही सफलता की कुंजी: रविंद्र तिवारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नववर्ष 2026 भारत की अर्थव्यवस्था और पूंजी बाज़ार के लिए नई संभावनाओं और सकारात्मक संकेतों के साथ आरंभ हुआ है। फाइनेंशियल कंसलटेंट रविंद्र तिवारी का मानना है कि बीते दो वर्षों की चुनौतियों के बाद अब भारतीय इक्विटी मार्केट निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 और 2025 वैश्विक अनिश्चितताओं, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण अपेक्षाकृत कठिन रहे, जिससे कई निवेशकों के लक्ष्य समय पर पूरे नहीं हो सके। रविंद्र तिवारी के अनुसार, हालांकि ये वर्ष चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन इन्हीं वर्षों ने बाज़ार को एक मजबूत आधार प्रदान किया है। निवेशकों ने इस दौरान अनुशासन, धैर्य और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का महत्व समझा, जो भविष्य में बेहतर निवेश निर्णयों का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि बाज़ार में अस्थिरता ने निवेशकों को यह सिखाया कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय सही रणनीति के साथ लंबे समय तक निवेशित रहना अधिक लाभकारी होता है।
वर्ष 2026 को लेकर रविंद्र तिवारी का दृष्टिकोण उत्साहजनक है। उनके अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद वर्तमान में बेहद सुदृढ़ है। मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर निरंतर सरकारी निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेज़ प्रगति भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। इसके साथ ही कॉर्पोरेट अर्निंग्स में लगातार सुधार के संकेत मिल रहे हैं, जो इक्विटी बाज़ार के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन निवेशकों के लक्ष्य और अपेक्षित रिटर्न 2024 और 2025 में पूरे नहीं हो पाए, उनके 2026 में हासिल होने की पूरी संभावना है। विशेष रूप से वे निवेशक जो नियमित निवेश, सही एसेट एलोकेशन और लंबी अवधि की रणनीति के साथ बाज़ार में बने रहे, उन्हें आने वाले समय में इसका लाभ मिल सकता है।
रविंद्र तिवारी ने यह भी उल्लेख किया कि भारत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में तेज़ी से उभरती हुई शक्ति बन चुका है। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका, विदेशी निवेशकों का बढ़ता भरोसा और स्थिर नीतिगत ढांचा देश को दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाता है। यही कारण है कि वैश्विक निवेशक भी भारत को लेकर आशावादी नजर आ रहे हैं। निवेशकों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि 2026 में सफलता की कुंजी अनुशासन, धैर्य और सही मार्गदर्शन है। बिना योजना के निवेश करने या बाज़ार की अफवाहों के आधार पर फैसले लेने से बचना चाहिए। लक्ष्य आधारित निवेश, जोखिम के अनुसार एसेट एलोकेशन और पेशेवर वित्तीय सलाह के साथ आगे बढऩा समय की मांग है।
उन्होंने यह भी कहा कि इक्विटी निवेश को हमेशा दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण के दृष्टिकोण से देखना चाहिए, न कि त्वरित लाभ के साधन के रूप में। अपने नववर्ष संदेश में रविंद्र तिवारी ने सभी निवेशकों, सहयोगियों और पाठकों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह वर्ष सभी के लिए स्वास्थ्य, समृद्धि और निवेश में सफलता लेकर आएगा। उनका मानना है कि सही सोच, सही रणनीति और धैर्य के साथ किया गया निवेश न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि भविष्य के सपनों को साकार करने का मजबूत माध्यम भी बनता है।
















