-खब्बू तिवारी की माता को छोटे पुत्र भूपेश तिवारी ने दी मुखाग्नि, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
उदय भूमि संवाददाता
अयोध्या। गोसाईगंज के पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी (खब्बू तिवारी) की पूज्य माता सरोज तिवारी का रविवार को सरयू तट पर वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। छोटे पुत्र भूपेश तिवारी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान सरयू तट शोक और श्रद्धा के भावों से भर गया, हर ओर गमगीन माहौल रहा और उपस्थित लोगों की आंखें नम दिखाई दीं।
सरल, सौम्य और धर्मपरायण व्यक्तित्व की धनी सरोज तिवारी के निधन की सूचना मिलते ही अयोध्या सहित आसपास के जिलों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां उनके आवास तथा अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित करती रहीं। लोगों ने उनके शांत स्वभाव, धार्मिक आस्था और समाज के प्रति स्नेह को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
अंतिम संस्कार के अवसर पर रामवल्लभकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, नाका हनुमानगढ़ी के महंत यमदास, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, महापौर महंत गिरिशपति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभान पासवान, डॉ. अमित सिंह चौहान, सहकारी बैंक के सभापति धर्मेंद्र प्रताप सिंह टिल्लू, अंबेडकरनगर के पूर्व सांसद रितेश पांडेय, भाजपा प्रदेश महामंत्री हर्षवर्धन सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्र, पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, पूर्व एमएलसी राम द्विवेदी, बीएसए के पूर्व उपाध्यक्ष अवधेश पांडेय, पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित, जिलाध्यक्ष संजय सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ भाजपा नेता अवधेश पांडेय ‘बादल’, प्रदीप जायसवाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त गाजियाबाद से रविंद्र तिवारी, पवन तिवारी अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी अयोध्या पहुंचकर अंतिम विदाई में सम्मिलित हुए।
हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी दिवंगत आत्मा के प्रति पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे सभी लोगों ने शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। सरोज तिवारी के निधन से समाज ने एक स्नेहिल और धर्मनिष्ठ व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

















