चरौरा में प्रदेश की पहली होम पाइप/सीवर लाइन का शिलान्यास, ग्रामीण विकास में दी नई दिशा

-धर्मजीत त्रिपाठी के कुशल निर्देशन में खुली नालों और जलभराव की समस्या का आधुनिक समाधान
-चार गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ, 150 मीटर लंबी पाइपलाइन से स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित
-बुलंदशहर जिला पंचायत प्रदेश में बनी अग्रणी, अन्य जिलों के लिए बनेगा मॉडल

उदय भूमि संवाददाता
बुलंदशहर। जिले के गांव चरौरा में ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता और स्वच्छता के क्षेत्र में शुक्रवार को ऐतिहासिक कदम उठाया गया। जटपुरा मार्ग पर उत्तर प्रदेश की पहली होम पाइप/सीवर लाइन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी और जिला पंचायत सदस्य गीता चरौरा ने संयुक्त रूप से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया। धर्मजीत त्रिपाठी ने अपनी कार्यक्षमता और दूरदर्शिता के साथ यह सुनिश्चित किया कि ग्रामीणों की दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में आरसीसी और ईंटों से बने खुले नालों का निर्माण किया जाता रहा है, जिससे जलभराव, गंदगी और दुर्घटनाओं की समस्या लगातार बनी रहती थी। उनकी पहल से चरौरा में पहली बार भूमिगत होम पाइप/सीवर लाइन की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे गंदा पानी सुरक्षित रूप से ग्राम भूमि में प्रवाहित होगा और खुले नालों की समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।

कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुए सुनील चरौरा ने कहा कि बरसात के मौसम में खुले नालों के कारण ग्रामीणों की दैनिक जीवन की गति बाधित होती थी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता था। धर्मजीत त्रिपाठी की सक्रियता और दूरदर्शिता ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया। उन्होंने परियोजना की तकनीकी रूपरेखा, लागत, और कार्यान्वयन की रूपरेखा को पारदर्शी ढंग से प्रस्तुत किया। जिला पंचायत सदस्य गीता चरौरा ने बताया कि लंबे समय से ग्रामीणों की समस्या को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष प्रस्ताव रखा गया था। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद धर्मजीत त्रिपाठी की तत्परता और कुशल प्रबंधन से यह कार्य संभव हुआ। उन्होंने कहा कि बुलंदशहर जिला पंचायत प्रदेश की पहली जिला पंचायत है, जो इस तरह की आधुनिक और सुरक्षित भूमिगत नाला प्रणाली को लागू कर रही है। यह अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।

करीब 150 मीटर लंबी पाइपलाइन का निर्माण लगभग 9 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने के बाद जलभराव, दुर्गंध और दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी निरीक्षण अवर अभियंता प्रीतम सिंह और नीरज गोस्वामी ने किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान पंकज, सूबेदार, राम सिंह, वीरेंद्र, ठेकेदार नवीन कुमार, खेमचंद, होरीलाल मास्टर, सुबोध नेताजी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
धर्मजीत त्रिपाठी की सक्रिय भागीदारी ने न केवल इस परियोजना को समय पर शुरू कराना संभव बनाया, बल्कि ग्रामीणों में परियोजना के प्रति विश्वास और उत्साह भी बढ़ाया।

ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे गांवों के विकास और स्वच्छ भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से गांवों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। धर्मजीत त्रिपाठी की कार्यक्षमता और दृढ़ संकल्प ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और ग्रामीण विकास को गति देने में सक्रिय प्रशासन की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।

विशेष जानकारी:
• परियोजना का क्षेत्र: चरौरा, जटपुरा, खालोर, डरौरा और बिचौला सहित चार गांव
• पाइपलाइन लंबाई: 150 मीटर
• लागत: लगभग 9 लाख रुपये
• प्रमुख लाभ: जलभराव और गंदगी से राहत, दुर्घटनाओं में कमी, स्वच्छता में सुधार