गाजियाबाद में 30 जनवरी को विशेष पासपोर्ट लोक अदालत, लंबित फाइलों का शीघ्र होगा निस्तारण

-क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप की देखरेख में नागरिकों से आमने-सामने संवाद, पारदर्शी समाधान सुनिश्चित
-केवल 50 आवेदकों की फाइलों का निस्तारण, समय और संसाधनों के अनुसार विशेष प्रबंध
-लोक अदालत विदेश मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, भविष्य में नियमित अंतराल पर आयोजन की योजना

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पासपोर्ट बनवाने के इच्छुक नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, हापुड़ चुंगी में आगामी 30 जनवरी को विशेष पासपोर्ट लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम शाम तीन बजे से पांच बजे तक कक्ष संख्या-320 में आयोजित किया जाएगा। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप ने बताया कि इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित पासपोर्ट आवेदनों का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण करना है। उन्होंने बताया कि स्वयं वे इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे और आवेदकों से आमने-सामने संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और समाधान सुनिश्चित करेंगे। लोक अदालत में मुख्य रूप से उन आवेदकों की फाइलों का निस्तारण किया जाएगा, जिनके आवेदन लंबित हैं या जिनके मामलों में किसी तरह की देरी बनी हुई है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने यह भी बताया कि समय और संसाधनों की सीमितता के कारण इस विशेष अदालत में केवल 50 आवेदकों की फाइलों का निस्तारण किया जाएगा।

इसके बावजूद यह पहल नागरिकों के लिए सीधी और पारदर्शी सुविधा सुनिश्चित करेगी। अनुज स्वरूप ने बताया कि यह लोक अदालत विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य न केवल लंबित मामलों को निपटाना है, बल्कि नागरिकों के लिए पासपोर्ट सेवा को और अधिक भरोसेमंद और समयबद्ध बनाना भी है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने आवेदकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर उपस्थित हों और आवश्यक दस्तावेज साथ लाएं। इससे उनकी फाइलों का निस्तारण सुचारू रूप से हो सकेगा। लोक अदालत के दौरान आवेदकों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ उन्हें आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। अनुज स्वरूप ने कहा कि हमारा प्रयास है कि नागरिकों को पासपोर्ट संबंधित सेवाएं शीघ्र और पारदर्शी रूप से मिलें। इस लोक अदालत के माध्यम से लंबित आवेदनों का निस्तारण करके नागरिकों का समय और श्रम दोनों बचाया जा सकेगा। इस पहल से न केवल लंबित मामलों में तेजी आएगी, बल्कि नागरिकों में पासपोर्ट सेवा के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह की विशेष लोक अदालतों का आयोजन नियमित अंतराल पर किया जाएगा, ताकि सभी आवेदकों को समय पर सुविधा मिल सके। यह कार्यक्रम गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्र में पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, लोक अदालत के माध्यम से उन मामलों का निस्तारण किया जाएगा, जिनमें पुलिस सत्यापन, दस्तावेज़ों की कमी अथवा तकनीकी कारणों से देरी हो रही है।

आवेदकों को अपनी बात सीधे उच्च अधिकारी के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा, जिससे अनावश्यक चक्कर लगाने की समस्या से राहत मिलेगी। पासपोर्ट लोक अदालत को लेकर आवेदकों में उत्साह देखा जा रहा है। यह पहल न केवल लंबित मामलों के समाधान का माध्यम बनेगी, बल्कि प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगी। अनुज स्वरूप की यह पहल यह संदेश देती है कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि संवेदनशील और सक्रिय प्रशासनिक नेतृत्व से साकार होता है।