बीमारी से पहले बचाव की पहल, यशोदा मेडिसिटी ने शुरू किया एडल्ट वैक्सीनेशन क्लिनिक

-निवारक स्वास्थ्य ही स्वस्थ भारत की मजबूत नींव: सुनील कुमार शर्मा
-टीकाकरण सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, हर उम्र के लिए जरूरी: शुभांग अरोड़ा
-वयस्कों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए निवारक स्वास्थ्य पर फोकस
-जागरूकता और सुरक्षा को लेकर ‘वैक्सीनेशन जरूरी है’ अभियान की शुरुआत

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए यशोदा मेडिसिटी ने एडल्ट वैक्सीनेशन क्लिनिक की शुरुआत की है। इस पहल के माध्यम से वयस्कों में टीकाकरण के महत्व को रेखांकित किया गया है, जिससे गंभीर बीमारियों की रोकथाम के साथ स्वस्थ और सक्रिय जीवन को बढ़ावा दिया जा सके। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि समय पर टीकाकरण न केवल संक्रमण के खतरे को कम करता है, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य जटिलताओं से भी बचाव करता है। क्लिनिक का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर यशोदा मेडिसिटी के वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहे। उद्घाटन के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि टीकाकरण केवल बचपन तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलती जीवनशैली, बढ़ती उम्र और दीर्घकालिक रोगों के कारण वयस्कों में भी इन्फ्लुएंजा, निमोनिया, हेपेटाइटिस, टिटनेस और शिंगल्स जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

एडल्ट वैक्सीनेशन क्लिनिक के साथ यशोदा मेडिसिटी ने ‘वैक्सीनेशन जरूरी है’ नामक विशेष जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों, उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों, यात्रियों और कार्यरत पेशेवरों को समय पर टीकाकरण के लाभों के प्रति जागरूक करना है। अस्पताल द्वारा सामुदायिक कार्यक्रमों और डिजिटल माध्यमों के जरिए इस संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाएगा, ताकि लोग निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को अपने जीवन का हिस्सा बना सकें। निवारक स्वास्थ्य की बढ़ती जरूरतों के मद्देनजर यह पहल राष्ट्रीय और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियां हर वर्ष बड़ी संख्या में वयस्कों को प्रभावित करती हैं, लेकिन जागरूकता और संरचित व्यवस्था के अभाव में वयस्क टीकाकरण अभी भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। इसी अंतर को पाटने के उद्देश्य से यह क्लिनिक प्रमाण-आधारित परामर्श और समन्वित देखभाल प्रदान करेगा। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के कार्यकारी निदेशक शुभांग अरोड़ा ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देना जरूरी है। वयस्क टीकाकरण एक प्रभावी लेकिन कम उपयोग किया जाने वाला माध्यम है, जिसे अधिक सुलभ और स्वीकार्य बनाने के लिए यह क्लिनिक शुरू किया गया है।

वहीं, इंफेक्शियस डिजीज और एडल्ट इम्यूनाइजेशन विशेषज्ञ डॉ. छवि गुप्ता ने कहा कि समय पर टीकाकरण से गंभीर संक्रमण और जटिलताओं का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है, खासकर उच्च जोखिम वाले वर्गों में। एडल्ट वैक्सीनेशन क्लिनिक का शुभारंभ यशोदा मेडिसिटी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत अस्पताल निवारक, रोगी-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह पहल आने वाले समय में समुदाय के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।