- मनमानी, ओवररेटिंग और अव्यवस्था पर सीधी चोट, हर दुकान होगी निगरानी में
- डिजिटल सिस्टम और सख्त निर्देशों से बदलेगा मदिरा कारोबार का चेहरा
- हर दुकान पर पारदर्शिता की मुहर, डिजिटल भुगतान और रेट डिस्प्ले अनिवार्य
- जनहित और सड़क सुरक्षा केंद्र में, आबकारी विभाग की नई कार्यसंस्कृति
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। आगामी होली के पर्व को ध्यान में रखते हुए जिले में आबकारी विभाग की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। शराब की दुकानों में नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने व्यापक कार्रवाई की योजना तैयार की है। हाल ही में अधिकारी ने रेस्टोरेंट और बार संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें नियमों का पालन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर जिले की लाइसेंसी शराब की दुकानों के अनुज्ञापियों के साथ बैठक कर उन्हें भी सख्त निर्देश दिए गए। अब इस तैयारी को और प्रभावी बनाने के लिए आबकारी अधिकारी ने अपने विभागीय कर्मचारियों-आबकारी निरीक्षक, प्रधान एवं आबकारी सिपाहियों के साथ भी बैठक आयोजित की और उन्हें कार्यशैली को सुधारने एवं नई दिशा देने के लिए निर्देशित किया। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली को उनके समर्पण और सक्रियता के लिए जाना जाता है। अधिकारी का मानना है कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं, उनका पालन कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसीलिए उन्होंने न केवल दुकानदारों, बल्कि विभागीय कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी दी है कि वे नियमों का पालन सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस अपनाएँ।
उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता की सुरक्षा और जागरूकता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी कड़ी में जिले की दुकानों पर अब रेट लिस्ट चस्पा होने के साथ-साथ ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ चेतावनी और सिटीज़न ऐप का फ्लेक्स बोर्ड भी लगाना अनिवार्य किया गया है। इससे न केवल ओवर रेटिंग रोकी जाएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा और नागरिक जागरूकता भी बढ़ेगी। गुरुवार को अपने कार्यालय में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, सचिन त्रिपाठी, अखिलेश बिहारी वर्मा, डॉ शिखा ठाकुर, अभिनव शाही, नामवर सिंह और संजय चन्द्र के साथ बैठक की।
बैठक में उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए: ओवर रेटिंग पर जीरो टॉलरेंस: सभी प्रधान और आबकारी सिपाही अपने आवंटित बीट की दुकानों में ओवर रेटिंग की शिकायत पाए जाने पर उसका गोपनीय सत्यापन करें और नियमानुसार कार्यवाही हेतु संबंधित आबकारी निरीक्षक को सूचित करें। जिला आबकारी अधिकारी की पहल और सक्रिय कार्यशैली के कारण जिले में शराब कारोबार अब अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होगा। ‘सुरक्षित मदिरा कारोबार मिशन’ के तहत जिले में होली से पहले की गई तैयारियाँ आम जनता और दुकानदार दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी।
• सुरक्षा एवं जागरूकता: सभी दुकानों पर ड्रिंक एंड ड्राइव चेतावनी और सिटीजन ऐप का फ्लेक्स बोर्ड लगाना सुनिश्चित किया जाए।
• मुखबिर तंत्र को मजबूत करना: अवैध मदिरा की जानकारी इकट्ठा कर उसे पूरी तरह रोकने के लिए सतर्कता और गंभीरता से कार्य करें।
• ग्राहक सुविधा: टोल-फ्री नंबर और लोकप्रिय ब्रांड की उपलब्धता सुनिश्चित कराना।
• पॉश मशीन का प्रयोग: दुकानों में शत-प्रतिशत बिक्री पॉश मशीन के माध्यम से सुनिश्चित करना।
• ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा: अधिकतम बिक्री ऑनलाइन माध्यम से करने के निर्देश।
• प्रिंट रेट डिस्प्ले: सभी मदिरा दुकानों पर सभी ब्रांड के प्रिंट रेट डिस्प्ले सुनिश्चित करना।
इन निर्देशों का उद्देश्य न केवल ओवर रेटिंग और अवैध मदिरा पर नियंत्रण करना है, बल्कि जिले में होली के दौरान सुरक्षित और पारदर्शी मदिरा कारोबार सुनिश्चित करना भी है।
‘सुरक्षित मदिरा कारोबार मिशन’ की दिशा में कदम’
आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने इस तैयारी को ‘सुरक्षित मदिरा कारोबार मिशन’ से जोड़कर इसे और प्रभावी बनाया है। इस मिशन के तहत विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि जिले की शराब की दुकानों में नियमों का पालन हो, कोई भी ग्राहक ओवर रेटिंग का शिकार न हो, और सड़क सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए। अधिकारी ने विभागीय कर्मचारियों से कहा कि यह मिशन केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता की जागरूकता और उन्हें सुविधा देना भी इसमें शामिल है।
इसलिए दुकानों पर रेट लिस्ट, चेतावनी बोर्ड और फ्लेक्स बोर्ड जैसे उपाय किए जा रहे हैं। जिला आबकारी अधिकारी का कहना है कि किसी भी दुकानदार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करना या अवैध शराब बेचना पूरी तरह रोकना प्राथमिकता है। आम जनता किसी भी शिकायत की स्थिति में सीधे आबकारी निरीक्षक या अधिकारियों से संपर्क कर सकती है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की यह कार्यशैली जिले में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनुकरणीय मानी जा रही है। उनकी सक्रियता और सख्ती ने न केवल दुकानदारों को सतर्क किया है, बल्कि आबकारी विभाग के सभी कर्मचारियों को जिम्मेदारी और तत्परता के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया है।

















