लखनऊ पहुंचे ओवैसी, राजभर से मुलाकात की

उत्तर प्रदेश की राजनीति में असदुद्दीन की रूचि

लखनऊ। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी बुधवार को एकाएक लखनऊ पहुंचे। इस दौरान ओवैसी ने ओमप्रकाश राजभर और अब्दुल मन्नान से मुलाकात की। मन्नान ने पीस पार्टी से किनारा कर एआईएमआईएम ज्वाइन की है। ओवैसी ने दोनों नेताओं से भविष्य की सियासत पर चर्चा की। बिहार विधान सभा चुनाव में एआईएमआईएम ने 5 सीटें जीती थीं। इसके बाद से ओवैसी काफी उत्साहित नजर आ रहा हैं। बिहार के बाद वह उत्तर प्रदेश में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश में हैं। इसी क्रम में उन्होंने लखनऊ आकर ओमप्रकाश राजभर और अब्दुल मन्नान से मुलाकात की है। ओवैसी की नजर उत्तर प्रदेश के अगले विधान सभा चुनाव पर है। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि राजनीति में जब 2 व्यक्ति एक साथ मुलाकात करते हैं तो इसका मतलब आप समझते ही हैं। उप्र में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के मुखिया शिवपाल सिंह यादव से भी मुलाकात की चर्चाओं पर सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा कि शिवपाल राजनीति में बड़ा चेहरा हैं। उनसे भी मुलाकात करेंगे। ओवैसी ने कहा कि बिहार की सफलता में राजभर का बड़ा योगदान रहा है। नतीजन हमें कामयाबी मिली। एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि वह बिहार के नागरिकों की तौहीन न करें। वह यह भी देखें कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। उन्हें इस बारे में सोचना चाहिए। एक सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा कि हैदराबाद नगर निकाय चुनाव के दौरान योगी आदित्यनाथ और अमित शाह जिस वार्ड में भी प्रचार करने गए वहां पर भाजपा हारी है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में भाजपा को बढ़त जरूर मिली है। वहीं, ओवैसी का यूपी की राजनीति में दिलचस्पी लेना विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए बेचैनी बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।