-विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 में तेजी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने परखी जमीनी हकीकत
-नोटिस सुनवाई केंद्र का निरीक्षण, बीएलओ व सुपरवाइजरों से सीधा संवाद
-20 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत, 15 मार्च तक पूरी होगी सुनवाई प्रक्रिया
विनोद पाण्डेय (उदय भूमि संवाददाता)
गाजियाबाद। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान को गति देने और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को गाजियाबाद जनपद का दौरा कर मैदानी व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर संचालित इस अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की त्रुटि को गंभीरता से लिया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 55-साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र के नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज स्थित नोटिस सुनवाई केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं, शिकायत निस्तारण प्रक्रिया और मतदाताओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र पर उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि मतदाताओं को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। इसके बाद हिन्दी भवन में 53-लोनी, 54-मुरादनगर, 55-साहिबाबाद, 56-गाजियाबाद, 57-मोदीनगर और 58-धौलाना (आंशिक) विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ और सुपरवाइजरों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ भट्ट, नगर मजिस्ट्रेट संतोष उपाध्याय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान मतदाता सूची के अद्यतन, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम संशोधन, स्थानांतरण और विलोपन संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बीएलओ और सुपरवाइजरों ने अपने अनुभव साझा किए तथा जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों की जानकारी दी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की निष्पक्षता और सफलता काफी हद तक बीएलओ की सक्रियता पर निर्भर करती है। उन्होंने उन्हें सजगता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ दायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में कुल 20,19,852 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1,53,048 मतदाता ‘नो मैपिंग’ श्रेणी तथा 5,77,689 मतदाता ‘लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी’ श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। कुल 7,30,737 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 7,04,726 नोटिस जनरेट किए जा चुके हैं। 1,55,882 नोटिस बीएलओ द्वारा वितरित किए गए हैं और 76,558 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है।
नोटिस सुनवाई की प्रक्रिया 15 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जनपद में बूथ एवं सोसाइटी स्तर पर 86 विशेष कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। बीएलओ स्तर पर सुनवाई के साथ-साथ वीडियो कॉल के माध्यम से सत्यापन और सॉफ्ट कॉपी पर आईडी जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जा सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से संभव है। प्रशासन का दायित्व है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मताधिकार के प्रयोग में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां फार्म-6 और मैपिंग कार्य के लिए अधिक संख्या में नागरिक पहुंच रहे हैं, वहां अतिरिक्त कैंप आयोजित कर प्रक्रिया को सुगम बनाया जाए।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 39 बीएलओ, 11 बीएलओ सुपरवाइजर, 6 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 5 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अतुल त्यागी और तनुज गंभीर को भी सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जनपद में एसआईआर कार्यक्रम की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रहा तो मतदाता सूची को पूर्णत: शुद्ध और अद्यतन बनाने का लक्ष्य समय से पहले प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता ही इस अभियान की सफलता की कुंजी है।


















