-बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और महिला पुलिस तैनाती से सुचारु रहा दर्शन प्रबंधन
-मैदान में डटी रहीं एसीपी उपासना पाण्डेय, अनुशासन व श्रद्धालु सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
गाजियाबाद। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में रविवार को श्रद्धा और आस्था का विराट दृश्य देखने को मिला। देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘जय बाबा दूधेश्वर’ के जयघोष से गूंज उठा। जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतारें शंभू दयाल इंटर कॉलेज से आगे तक पहुंच गईं। भगवान शिव के इस पावन पर्व पर मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन एवं जलाभिषेक का आयोजन श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। श्रद्धालु बेलपत्र, दूध और गंगाजल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते रहे। पूरे परिसर में भक्ति संगीत, घंटियों की ध्वनि और शिव स्तुति से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के निर्देशन में नगर कोतवाली, कविनगर, विजय नगर तथा क्रॉसिंग सहित विभिन्न थानों की पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा योजना कई दिनों पहले तैयार कर ली गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस विशाल आयोजन में एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय की कार्यशैली विशेष रूप से सराहनीय रही। वे सुबह से देर रात तक स्वयं स्थल पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करती रहीं। उन्होंने बैरिकेडिंग व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग, महिला सुरक्षा तथा कतार प्रबंधन को अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संचालित कराया। एसीपी पाण्डेय ने बताया कि महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया था। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन व्यवस्था और भीड़ का नियंत्रित संचालन रही। पुलिस बल को संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात कर निरंतर मॉनिटरिंग की गई। उन्होंने आगे बताया कि महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई। उन्होंने कहा हर श्रद्धालु बिना किसी भय और असुविधा के जलाभिषेक कर सके, यह सुनिश्चित करना हमारा दायित्व था।
एसीपी पाण्डेय स्वयं कतारों का निरीक्षण करती रहीं और समय-समय पर लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील करती रहीं। उनकी सक्रिय उपस्थिति से पुलिस बल में भी सतर्कता और समन्वय बना रहा। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी और भीड़ को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की व्यवस्था ने किसी भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी। श्रद्धालुओं ने पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि भारी भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारु रही।
महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालु भी सहज रूप से जलाभिषेक कर सके। महाशिवरात्रि पर उमड़ी आस्था, संतों का आशीर्वाद और पुलिस की मुस्तैद व्यवस्था ने दूधेश्वर धाम की धार्मिक गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की। विशेष रूप से एसीपी उपासना पाण्डेय की सक्रिय नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील कार्यशैली ने इस विशाल धार्मिक आयोजन को सुरक्षित, अनुशासित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

















