-डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी की सख्त निगरानी और प्रभावी नेतृत्व का दिखा असर
-एडीसीपी लिपि नगायच की कार्यशैली से शिकायत निस्तारण में आई तेजी
-नौ थानों ने प्रदेश में हासिल किया प्रथम स्थान, उत्कृष्ट कर्मियों को मिला सम्मान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कमिश्नरेट पुलिस के ग्रामीण जोन ने जनवरी माह में इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम (आईजीआरएस) के तहत शिकायतों के निस्तारण में प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर नई मिसाल कायम की है। इस उपलब्धि के बाद पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सफलता के पीछे सुरेंद्रनाथ तिवारी, पुलिस उपायुक्त ग्रामीण, की सख्त निगरानी और प्रभावी नेतृत्व को प्रमुख कारण माना जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान ही पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और यही जनता का विश्वास मजबूत करता है। बैठक में एडीसीपी लिपि नगायच, एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा, एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम तथा एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय सहित सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
एडीसीपी लिपि नगायच की कार्यशैली को विशेष रूप से सराहा गया। उनके कुशल समन्वय और सतत मॉनिटरिंग के चलते आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में उल्लेखनीय तेजी आई। उन्होंने सर्किल स्तर पर नियमित फॉलोअप कर लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण जोन के सभी नौ थानों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। ग्रामीण जोन के जिन थानों ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया, उनमें थाना लोनी, ट्रोनिका सिटी, अंकुर विहार, लोनी बॉर्डर, मोदीनगर, निवाड़ी, भोजपुर, मसूरी और मुरादनगर शामिल हैं। इन सभी थानों ने जनवरी माह में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण किया। डीसीपी ग्रामीण ने आईजीआरएस प्रभारी महिला मुख्य आरक्षी भूपेंद्री और महिला आरक्षी निर्देश चौधरी को भी विशेष रूप से सम्मानित किया। उन्होंने ऑनलाइन जांच आख्या अपलोड करने और समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों के त्वरित निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अतिरिक्त ग्रामीण जोन स्तर पर विवेचनाओं और प्रार्थना पत्रों के शीघ्र निस्तारण, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, धारा-34 पुलिस अधिनियम के चालान, पासपोर्ट सत्यापन और अपराधियों के सत्यापन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच बीएसआई और चार बीपीओ को ‘कॉप ऑफ द मंथ’ चुना गया। डीसीपी ने उन्हें भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। थाना मसूरी की साइबर टीम ने जनवरी माह में सर्वाधिक 55 मोबाइल फोन बरामद कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इस सराहनीय कार्य के लिए मसूरी थाना प्रभारी निरीक्षक अजय चौधरी और साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी अरुण कुमार को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि ग्रामीण जोन की यह सफलता टीम वर्क और समर्पित कार्यशैली का परिणाम है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से भविष्य में भी इसी प्रकार की उच्चकोटि की कर्मठता, लगन और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा की। ग्रामीण जोन की इस उपलब्धि ने न केवल गाजियाबाद पुलिस का मान बढ़ाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि सशक्त नेतृत्व और प्रभावी मॉनिटरिंग से प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव है।
















