-मुंबई में शिष्टाचार भेंट के दौरान सामाजिक सरोकारों और सिनेमा की भूमिका पर संवाद
-युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और जनजागरूकता अभियानों पर बनी सहमति
-फिल्म, समाज और जनसेवा के मुद्दों पर हुई सकारात्मक बातचीत
उदय भूमि संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मंगलवार को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेता मनोज बाजपेयी से जन सेवक तरुण मिश्र ने शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें कला, समाज और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुलाकात के दौरान दोनों ने सिनेमा की सामाजिक भूमिका, युवाओं की सकारात्मक दिशा तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने में कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर विचार साझा किए। अभिनेता मनोज बाजपेयी ने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाला सशक्त मंच भी है। उन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर आधारित फिल्मों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। मुलाकात के दौरान मनोज बाजपेयी ने अपने फिल्मी अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने हमेशा ऐसे किरदारों को प्राथमिकता दी है जो समाज की वास्तविकताओं को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में दर्शक जागरूक हो चुके हैं और वे ऐसी कहानियों को पसंद करते हैं जो सामाजिक संदेश के साथ जुड़ी हों।
जन सेवक तरुण मिश्र ने अभिनेता के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मनोज बाजपेयी जैसे कलाकार युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मों के जरिए सामाजिक जागरूकता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जा सकता है। मुलाकात में इस बात पर भी चर्चा हुई कि कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता मिलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। दोनों ने युवाओं को नशामुक्ति, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुडऩे के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर सहमति जताई। तरुण मिश्र ने बताया कि समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महसूस किया है कि प्रसिद्ध व्यक्तित्वों का मार्गदर्शन युवाओं पर गहरा प्रभाव डालता है। उन्होंने अभिनेता से भविष्य में सामाजिक अभियानों और जनजागरूकता कार्यक्रमों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
मनोज बाजपेयी ने सामाजिक पहलों में सहभागिता की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि कला और समाज सेवा साथ मिलकर कार्य करें तो देश के युवाओं को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना हर नागरिक का कर्तव्य है और कलाकारों को भी अपनी लोकप्रियता का उपयोग सकारात्मक बदलाव के लिए करना चाहिए। मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और दोनों ने भविष्य में समाज हित से जुड़े कार्यक्रमों में सहयोग जारी रखने की बात कही। यह शिष्टाचार भेंट कला और समाज सेवा के बीच बेहतर समन्वय का संदेश देती है। मुंबई में हुई यह मुलाकात न केवल एक औपचारिक संवाद रही, बल्कि कला, सामाजिक चेतना और जनसेवा के साझा उद्देश्य को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखी जा रही है।
















