-पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण से बढ़ेगा कस्तूरबा विद्यालयों का शैक्षिक स्तर
-आधी आबादी को सशक्त बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता: धर्मेश सिंह तोमर
-उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई वार्डन ने लिया नेतृत्व, प्रबंधन व बालिका सुरक्षा का प्रशिक्षण
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बालिका शिक्षा को मजबूत आधार प्रदान करने और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में बुधवार को आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के सभागार में गरिमामय वातावरण के बीच संपन्न हुआ। शिक्षा मंत्रालय एवं राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की वार्डन को शैक्षणिक, प्रशासनिक, वित्तीय तथा छात्राओं के समग्र विकास से संबंधित विषयों में दक्ष बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक धर्मेश सिंह तोमर, संस्थान के उपनिदेशक डॉ. सौरभ राजपूत, प्रशिक्षण अधिकारी गुंजन तथा जिला समन्वयक बालिका शिक्षा कुणाल मुद्गल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई वार्डन ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विद्यालय संचालन, बालिका सुरक्षा, नेतृत्व क्षमता, शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन एवं सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक सत्र, समूह चर्चा और अनुभव आधारित शिक्षण गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे प्रतिभागियों का आत्मविश्वास और कार्यकुशलता दोनों सुदृढ़ हुई। कार्यक्रम को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए बालिका शिक्षा यूनिट प्रभारी मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि वार्डन को शैक्षणिक योजनाओं के साथ-साथ वित्तीय प्रबंधन की भी समुचित जानकारी होना आवश्यक है, ताकि छात्राओं को शासन की सभी योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण की प्रतिदिन प्रशासनिक स्तर पर निगरानी की गई, जिससे इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित रही। मुख्य अतिथि विधायक धर्मेश सिंह तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि आधी आबादी को सशक्त बनाए बिना समाज और राष्ट्र का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनपद के कस्तूरबा गांधी विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम वार्डन के नेतृत्व कौशल को मजबूत करते हैं।
इससे वंचित एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बालिकाओं को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा। संस्थान के आचार्य डॉ. सौरभ राजपूत ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सकारात्मक वातावरण में प्राप्त प्रशिक्षण का प्रभाव दीर्घकालिक होता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी वार्डन इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को विद्यालयों में लागू कर छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा कुणाल मुद्गल ने कहा कि क्षमता संवर्धन हेतु आयोजित यह प्रशिक्षण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता को नई दिशा देगा और इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र दिखाई देंगे। प्रशिक्षण में रिचा राणा एवं सुमित मास्टर ट्रेनर के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का मंच संचालन जिला बालिका नोडल पूनम शर्मा द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में अंशू सिंह, नीतू सिंह, रेनू चौहान, रेनू चौधरी तथा निशि रानी सहित विभिन्न ब्लॉक नोडल अधिकारियों का विशेष सहयोग रहा।
















