-छोटा सिलेंडर बनेगा गरीब और प्रवासी परिवारों की रसोई की बड़ी ताकत: अमित तिवारी
-आधार कार्ड से मिलेगा 5 किलो गैस कनेक्शन, आसान हुई गैस सुविधा की प्रक्रिया
-आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्वच्छ ईंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
-प्रशासन व गैस वितरकों की संयुक्त पहल से श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को जनहित को समर्पित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अंतर्गत 5 किलोग्राम क्षमता वाले ‘छोटू गैस सिलेंडर’ वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गाजियाबाद एलपीजी वितरक संघ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शहर में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सस्ती और सुलभ रसोई गैस सुविधा उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में जिला पूर्ति विभाग के अधिकारी अमित तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ भारतीय तेल निगम के गाजियाबाद विक्रय क्षेत्र के अधिकारी नमन यादव एवं दीपक राज, एलपीजी वितरक संघ के अध्यक्ष अरुण कुमार तथा विभिन्न गैस वितरक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कविनगर औद्योगिक क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान दरभंगा निवासी मालती देवी, हमीरपुर की रितु तथा इटावा निवासी हरीचंद्र को तत्काल 5 किलोग्राम ‘छोटू गैस सिलेंडर’ के नए कनेक्शन प्रदान किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अन्य पंजीकृत श्रमिकों को भी शीघ्र ही गैस कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद श्रमिकों ने इस पहल को अपने लिए बड़ी राहत बताते हुए प्रशासन और गैस वितरकों का आभार व्यक्त किया। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने कहा कि महानगरों में कार्यरत प्रवासी मजदूरों और निम्न आय वर्ग के लोगों को अक्सर बड़े गैस सिलेंडर की ऊंची कीमत के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई परिवार सीमित आय के कारण गैस सुविधा से वंचित रह जाते हैं, जिससे उन्हें पारंपरिक ईंधन का उपयोग करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि छोटे आकार का गैस सिलेंडर कम आय वाले परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि अब 5 किलोग्राम गैस सिलेंडर का कनेक्शन केवल आधार कार्ड के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पात्र लाभार्थियों को बिना अधिक औपचारिकताओं के तुरंत सुविधा मिल सकेगी। ‘छोटू गैस सिलेंडर’ की प्रारंभिक कीमत 1528 रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें सिलेंडर की कीमत 944 रुपये तथा गैस भराई की कीमत 584 रुपये शामिल है। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जिन्हें कम मात्रा में गैस की आवश्यकता होती है या जो किराए के मकानों में रहते हैं।
एलपीजी वितरक संघ के अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि पिछले कुछ समय से छोटे गैस सिलेंडरों की उपलब्धता कम होने के कारण प्रवासी श्रमिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई श्रमिकों को महंगे विकल्प अपनाने पड़ते थे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। इस पहल के माध्यम से अब उन्हें सस्ती दर पर स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया जा सकेगा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ ईंधन का उपयोग न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। छोटे गैस सिलेंडर की सुविधा मिलने से श्रमिक परिवारों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक जीवन शैली अपनाने में सहायता मिलेगी। प्रवासी श्रमिकों ने बताया कि पहले गैस कनेक्शन लेने की प्रक्रिया जटिल होने तथा बड़ी राशि जमा करनी पडऩे के कारण वे गैस सुविधा से दूर रहते थे। अब आधार कार्ड के माध्यम से आसानी से कनेक्शन मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि इससे रसोई व्यवस्था सरल होगी और समय तथा श्रम दोनों की बचत होगी।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस योजना से शहर में कार्यरत श्रमिकों के पलायन में कमी आने की संभावना है, क्योंकि अब उन्हें बुनियादी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। यह पहल सामाजिक न्याय और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं गैस वितरकों ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित कर जरूरतमंद परिवारों तक रसोई गैस सुविधा पहुंचाई जाएगी। ‘छोटू गैस सिलेंडर’ योजना को शहर के श्रमिक वर्ग के लिए राहतकारी पहल बताते हुए इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की बात कही गई। इस जनकल्याणकारी अभियान ने यह संदेश दिया कि प्रशासन, उद्योग और सेवा प्रदाता संस्थाएं मिलकर समाज के कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

















