हर शिकायत का वास्तविक समाधान जरूरी, सिर्फ फाइलें बढ़ाना नहीं: धवल जायसवाल

-जनता से सीधा संवाद, त्वरित समाधान पर जोर: डीसीपी की कार्यशैली बनी भरोसे की पहचान
-जनसुनवाई में अधिकारियों को सख्त निर्देश, हर शिकायत के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर फोकस
-संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल: फरियादियों से व्यक्तिगत संवाद ने जीता लोगों का विश्वास
-पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर, थाना स्तर तक जनसुनवाई व्यवस्था मजबूत करने की पहल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में पुलिस उपायुक्त नगर/मुख्यालय धवल जायसवाल की कार्यशैली लगातार चर्चा का विषय बनती जा रही है। शुक्रवार को अपने कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उन्होंने स्वयं उपस्थित होकर शिकायत लेकर आए नागरिकों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, पारिवारिक प्रकरण, साइबर अपराध, यातायात संबंधी समस्याएं तथा स्थानीय स्तर की कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को पुलिस उपायुक्त के समक्ष रखा। धवल जायसवाल ने प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करते हुए न केवल समस्या की जानकारी ली बल्कि मौके पर ही संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। डीसीपी की कार्यशैली का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि उन्होंने शिकायतकर्ताओं को औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए उन्हें समाधान की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर शिकायत केवल फाइल न बने बल्कि उसका वास्तविक समाधान नागरिकों को महसूस होना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं बल्कि नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना स्थापित करना भी है। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई ही पुलिस की विश्वसनीयता का सबसे बड़ा आधार है। धवल जायसवाल की कार्यशैली में अनुशासन और संवेदनशीलता का संतुलित संयोजन देखने को मिलता है। फरियादियों से संवाद के दौरान उन्होंने शांत एवं सहज व्यवहार बनाए रखा, जिससे आम नागरिक खुलकर अपनी बात रख सके। कई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सीधे उनकी समस्या सुनना उनके लिए विश्वास और संतोष का विषय रहा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि महिला, वरिष्ठ नागरिक एवं कमजोर वर्ग से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और गोपनीयता बनाए रखने पर उन्होंने जोर दिया। इसके साथ ही साइबर अपराधों में बढ़ती शिकायतों को देखते हुए संबंधित इकाइयों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान डीसीपी ने यह भी कहा कि आधुनिक पुलिसिंग का आधार पारदर्शिता और जवाबदेही है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे थाना स्तर पर भी नियमित जनसुनवाई आयोजित करें ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए उच्च कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उनका मानना है कि स्थानीय स्तर पर समाधान होने से पुलिस व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनती है। धवल जायसवाल की सक्रिय कार्यशैली के कारण पुलिस प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद मजबूत होता दिखाई दे रहा है। लगातार जनसंपर्क, शिकायतों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई की नीति ने पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक जनोन्मुखी बनाया है। नागरिकों ने भी उम्मीद जताई कि इसी प्रकार की संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग से शहर में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। जनसुनवाई के अंत में उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता को कार्रवाई की प्रगति से अवगत कराया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और नागरिकों का विश्वास कायम रहे।