-हाउस टैक्स कैलकुलेशन अब नई संशोधित दरों से, करदाताओं को मिलेगी राहत और पारदर्शिता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम गाजियाबाद में कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशों के तहत शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में टैक्स विभाग की विशेष प्रशिक्षण प्रक्रिया तेजी से जारी है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नई संशोधित हाउस टैक्स दरों को प्रभावी रूप से लागू करना, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अद्यतन जानकारी प्रदान करना तथा करदाताओं को सही और स्पष्ट सेवाएं उपलब्ध कराना है। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित इस प्रशिक्षण में सभी जोनल प्रभारी, कर अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक, कर निरीक्षक द्वितीय, टैक्स विभाग के लिपिक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान शासन द्वारा निर्धारित नई संशोधित कर दरों, छूट व्यवस्था तथा टैक्स कैलकुलेशन की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई जा रही है।
अधिकारियों को यह भी बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत हाउस टैक्स में केवल 20 से 21 प्रतिशत तक ही वृद्धि की गई है, जिससे आम नागरिकों पर अत्यधिक आर्थिक भार न पड़े। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की निरंतर निगरानी की जिम्मेदारी अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार को सौंपी है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जोन स्तर पर कार्यरत अधिकारी प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और अपने-अपने क्षेत्रों में नई व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करें। प्रशिक्षण के दौरान सभी जोन के जोनल प्रभारी और टैक्स विभाग की पूरी टीम उपस्थित रही। अधिकारियों को यह भी समझाया गया कि कर संग्रह केवल राजस्व बढ़ाने का माध्यम नहीं बल्कि नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने की आधारशिला है। सही कर निर्धारण से नगर विकास कार्यों को गति मिलेगी और शहर की आधारभूत सुविधाओं में सुधार संभव होगा।
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि नई संशोधित टैक्स व्यवस्था लागू होने से कर प्रणाली सरल, डिजिटल और नागरिक हितैषी बनेगी। इससे एक ओर राजस्व संग्रह में पारदर्शिता बढ़ेगी तो दूसरी ओर करदाताओं का विश्वास भी मजबूत होगा। नगर आयुक्त ने अंत में कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल कर वसूली नहीं बल्कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। नई व्यवस्था के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता, डिजिटल पारदर्शिता और जनहित के बीच संतुलन स्थापित किया जाएगा। नगर निगम द्वारा शुरू की गई यह प्रशिक्षण पहल भविष्य में एक आधुनिक और जवाबदेह कर प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नई संशोधित दरों पर आधारित होगा पूरा टैक्स सिस्टम
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार एवं मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस.के. राय की उपस्थिति में अधिकारियों को तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने टैक्स विभाग की टीम को नई दरों के अनुसार कर निर्धारण, छूट की गणना तथा ऑनलाइन सिस्टम में डेटा अपडेट करने की प्रक्रिया समझाई। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने प्रशिक्षण के दौरान टैक्स विभाग की टीम से सीधे संवाद करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक कर्मचारी नई संशोधित दरों की संपूर्ण जानकारी रखे और किसी भी करदाता को गलत जानकारी न दी जाए। उन्होंने कहा कि कर प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नगर आयुक्त ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि नई संशोधित दरों को जल्द से जल्द निगम के सॉफ्टवेयर सिस्टम पर अपलोड किया जाए। इसके लिए 10 दिनों की समय सीमा निर्धारित करते हुए अधिकारियों से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्रणाली के माध्यम से टैक्स निर्धारण अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जाएगा।
करदाताओं को राहत: अतिरिक्त जमा टैक्स होगा समायोजित
नगर निगम प्रशासन ने करदाताओं को राहत प्रदान करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशिक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन करदाताओं द्वारा पूर्व में अधिक टैक्स जमा किया गया है, उसे तीन वर्षों के भीतर तीन समान किस्तों में समायोजित किया जाएगा। यह निर्णय नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि किसी भी व्यक्ति को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। इसके साथ ही निगम प्रशासन ने यह भी घोषणा की कि आगामी तीन माह तक किसी भी करदाता पर 12 प्रतिशत का ब्याज नहीं लगाया जाएगा। इस निर्णय से उन नागरिकों को विशेष राहत मिलेगी जो नई कर व्यवस्था को समझने और भुगतान प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए समय चाहते हैं। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि करदाताओं को नई दरों और उपलब्ध छूटों के बारे में जागरूक किया जाए, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता अभियान के माध्यम से नागरिकों को नई टैक्स प्रणाली की पूरी जानकारी दी जाएगी।

















