-यमुना प्राधिकरण इस रोड को मॉडल रोड के रूप में विकसित करेगा
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा से यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर प्रस्तावित 60 मीटर रोड की बाधाएं दूर करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यमुना प्राधिकरण अब इस सड़क को दयानतपुर तक जल्द पूरा कराने की तैयारी में जुट गया है। साथ ही इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) की मदद ली जाएगी।
यह सड़क यमुना सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। यमुना सिटी के कई सेक्टर इसी रोड के किनारे विकसित हो रहे हैं और इसी मार्ग से लोग सीधे यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। ग्रेटर नोएडा से एयरपोर्ट तक सड़क निर्माण में तीन प्रमुख बाधाएं थीं। इनमें दकनौर, रबूपुरा और दयानतपुर का हिस्सा शामिल था। इनमें से दो अवरोध दूर किए जा चुके हैं, जबकि दयानतपुर क्षेत्र में किसानों से बातचीत जारी है। अधिकारियों का दावा है कि यह समस्या भी जल्द सुलझ जाएगी। दयानतपुर क्षेत्र में एक नहर पड़ने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ था। यहां पुल का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। जमीन संबंधी अड़चन खत्म होते ही सड़क निर्माण तेजी से शुरू कराया जाएगा। यमुना प्राधिकरण इस 60 मीटर रोड को विशेष मॉडल रोड के तौर पर विकसित करेगा। प्राधिकरण का नया कार्यालय भी इसी मार्ग पर प्रस्तावित है। इसके अलावा कई विश्वविद्यालय, मेडिकल डिवाइस पार्क, औद्योगिक पार्क और बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी इसी रोड से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि इसे अत्याधुनिक सुविधाओं वाली सड़क के रूप में तैयार करने की योजना बनाई गई है। यमुना प्राधिकरण के एसीईओ मनीष मीणा ने बताया कि सड़क के डिजाइन और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सीआरआरआई से तकनीकी सुझाव लिए जाएंगे और उन्हीं के आधार पर विकास कार्य किया जाएगा।
वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे को नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए प्रस्तावित करीब 74 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। इसमें से 20 किलोमीटर से अधिक हिस्सा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आता है। प्राधिकरण अब तक लगभग 70 प्रतिशत जमीन खरीद चुका है और शेष जमीन इसी महीने अधिग्रहित करने का लक्ष्य रखा गया है। यूपीडा के एसीईओ श्रीहरि शाही के अनुसार परियोजना का डिजाइन तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज जून तक बनकर तैयार हो जाएगा। यह इंटरचेंज यमुना एक्सप्रेसवे के 11वें किलोमीटर पर जगनपुर-अफजलपुर के पास बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने से दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों से नोएडा एयरपोर्ट तक आवागमन और आसान हो जाएगा। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और जून तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
















