शहर को मिलेगी हरियाली की नई पहचान, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

-गाजियाबाद को ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में तेज हुई तैयारी, मानसून से पहले होगा व्यापक पौधारोपण अभियान
-पार्क, ग्रीन बेल्ट और प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण पर फोकस, मालियों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की सुंदरता, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम प्रशासन ने हरियाली बढ़ाने की दिशा में व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में उद्यान एवं निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शहर के सौंदर्यीकरण और ग्रीनरी विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि स्वच्छ शहर के साथ-साथ सुंदर और हरित शहर बनाना भी निगम की प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की ग्रीन बेल्ट, सेंट्रल वर्ज, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाए ताकि गाजियाबाद की पहचान हरियाली और सौंदर्य से जुड़ सके। बैठक में मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर तथा उद्यान विभाग की टीम मौजूद रही। नगर आयुक्त ने सभी विभागों को संयुक्त रूप से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण और उद्यान विभाग के समन्वय से ही शहर को नया स्वरूप दिया जा सकता है।

नगर आयुक्त ने विशेष रूप से मालियों की कार्यप्रणाली और उपस्थिति पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्कों और ग्रीन बेल्ट की बेहतर देखभाल के लिए मालियों को आधुनिक उद्यान प्रबंधन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे पौधों की देखरेख, घास की गुणवत्ता और सौंदर्यीकरण कार्यों में सुधार आएगा। बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि तेज गर्मी को देखते हुए शहर के पेड़-पौधों में नियमित पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए। पार्कों में लगी घास, पौधों और वृक्षों की समय-समय पर कटिंग की जाए तथा सूखे पौधों को तुरंत बदला जाए। सेंट्रल वर्ज और ग्रीन बेल्ट में जहां भी टूट-फूट या क्षति है, वहां निर्माण विभाग तत्काल मरम्मत कार्य पूरा करे। नगर आयुक्त ने मानसून से पहले व्यापक पौधारोपण अभियान की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभी से स्थानों का चयन कर पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि वर्षा शुरू होते ही बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जा सके। उन्होंने मोहन नगर चौराहा, कवि नगर चौराहा, वसुंधरा चौराहा, इंदिरापुरम चौराहा, सिटी जोन चौराहा और विजयनगर चौराहा सहित प्रमुख स्थानों पर हरियाली बढ़ाने की विशेष योजना तैयार करने को कहा।

नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों को थीम आधारित ग्रीन स्पॉट के रूप में विकसित करने पर भी विचार किया गया। इसके तहत फूलों की क्यारियां, सजावटी पौधे, आकर्षक लैंडस्केपिंग और फुलवारी विकसित की जाएगी, जिससे शहर की दृश्य सुंदरता में उल्लेखनीय सुधार होगा। नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि सभी पार्कों और ग्रीन बेल्ट में लगे नलकूप हर स्थिति में चालू रहें ताकि सिंचाई व्यवस्था बाधित न हो। उन्होंने उद्यान विभाग के ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि मेंटेनेंस कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहर के नागरिकों को स्वच्छ, सुंदर और हरित वातावरण उपलब्ध कराना निगम का लक्ष्य है। इसके लिए विभागीय समन्वय, नियमित निरीक्षण और गुणवत्तापूर्ण कार्य अनिवार्य है।

नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि आने वाले समय में गाजियाबाद को पर्यावरणीय दृष्टि से मॉडल शहर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि तय समयसीमा के भीतर कार्य योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए तथा प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। नगर निगम प्रशासन की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले मानसून के बाद गाजियाबाद पहले से अधिक हराभरा और आकर्षक स्वरूप में नजर आएगा। नगर निगम की इस सक्रिय पहल को शहरवासियों ने भी सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई है कि निरंतर निगरानी और योजनाबद्ध प्रयासों से गाजियाबाद जल्द ही हरियाली और सौंदर्य के नए मानक स्थापित करेगा।