हिंडन बैराज पर मांस मिलने से मचा हड़कंप, महापौर सुनीता दयाल बोलीं-  ‘आरोपी छोड़ा तो पूरा थाना सस्पेंड करा दूंगी ‘

-दो नाबालिग बच्चों को कट्टे में भरकर मांस ले जाते देख रुका महापौर का काफिला
-मदरसे के इमाम पर बच्चों से मांस फिंकवाने का आरोप, पुलिस ने लिया हिरासत में
-गोमांस की आशंका पर बढ़ा तनाव, महापौर सुनीता दयाल ने पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी स्थित हिंडन बैराज के पास रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दो नाबालिग बच्चों को कट्टे में भरकर मांस ले जाते हुए पकड़ा गया। गोमांस होने की आशंका के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। संयोग से उसी दौरान क्षेत्रीय निरीक्षण पर निकलीं महापौर सुनीता दयाल का काफिला वहां से गुजर रहा था। भीड़ और हलचल देखकर महापौर ने अपनी गाड़ी रुकवाई और बच्चों से पूछताछ शुरू की। शुरुआती पूछताछ में सामने आई जानकारी के बाद मामला और गंभीर हो गया, जिसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो बच्चे साइकिल पर कट्टे में मांस भरकर हिंडन नदी की ओर जा रहे थे। महापौर सुनीता दयाल ने जब बच्चों को रोका और उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि कट्टे में गाय का मांस है और उन्हें इसे नदी में फेंकने के लिए भेजा गया है। यह सुनते ही मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। मामले की सूचना मिलते ही कनावनी चौकी पुलिस और इंदिरापुरम थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे क्षेत्र में संचालित एक मदरसे में पढ़ते हैं और मदरसे के इमाम ने उन्हें यह मांस फेंकने के लिए भेजा था।

बच्चों के बयान के बाद पुलिस ने संबंधित इमाम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस पूछताछ में इमाम ने दावा किया कि मांस पिछले दो-तीन दिनों से फ्रिज में रखा हुआ था और खराब होने की आशंका के चलते उसे फिंकवाया जा रहा था। हालांकि उसने गोमांस होने की बात से इनकार किया। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पशु चिकित्सक की टीम को मौके पर बुलाया। मांस के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान महापौर सुनीता दयाल का गुस्सा भी खुलकर सामने आया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि हिंडन बैराज क्षेत्र में पहले भी इस तरह मांस फेंके जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन पुलिस ने कभी गंभीर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश की गई या कार्रवाई में लापरवाही बरती गई तो वह पूरे थाने को सस्पेंड कराने तक की मांग करेंगी।

सुनीता दयाल ने कहा कि यह मामला केवल कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और जनभावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को इस तरह के काम में शामिल करना बेहद गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महापौर ने मदरसे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वहां इस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और मांस की लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भी भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि हिंडन नदी क्षेत्र में पहले भी संदिग्ध तरीके से मांस फेंके जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब होता है। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले की निगाहें अब लैब रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद मांस किस पशु का था। वहीं महापौर की सख्त चेतावनी और पुलिस की सक्रियता के बाद यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।