-भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए नगर निगम का विशेष अभियान, शहरभर में बढ़ाए जा रहे जनसुविधा संसाधन
-बस अड्डों, बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर शुरू हुए कूलिंग स्टेशन, मिल रही शीतल हवा और ठंडा पानी
-नगर आयुक्त के निर्देश पर गर्मी से बचाव की व्यापक तैयारी, जरूरत के अनुसार बढ़ेगी कूलिंग स्टेशनों की संख्या
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आसमान से बरसती आग और लगातार बढ़ते तापमान के बीच नगर निगम आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए विशेष इंतजामों में जुटा हुआ है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से परेशान राहगीरों को राहत देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में कूलिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। ये कूलिंग स्टेशन तेज धूप में सफर करने वाले लोगों के लिए ठंडी छांव का काम कर रहे हैं और गर्म हवाओं से बचाव का प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर नगर निगम ने गर्मी से राहत पहुंचाने के लिए बहुआयामी अभियान शुरू किया है। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर अस्थायी प्याऊ स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रमुख ट्रैफिक सिग्नलों पर ग्रीन नेट लगाकर राहगीरों और वाहन चालकों को धूप से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कई स्थानों पर नींबू पानी की व्यवस्था भी की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से तत्काल राहत मिल सके। इसी अभियान के अंतर्गत नगर निगम के जलकल विभाग द्वारा शहर में लगभग सात स्थानों पर कूलिंग स्टेशन विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद ने बताया कि फिलहाल पांच कूलिंग स्टेशन तैयार कर आमजन के लिए शुरू कर दिए गए हैं।
कौशांबी बस अड्डा, नया बस अड्डा, नवयुग मार्केट और किराना मंडी जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित इन कूलिंग स्टेशनों का बड़ी संख्या में लोग लाभ उठा रहे हैं। बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए विजयनगर क्षेत्र में भी नए कूलिंग स्टेशन के लिए स्थान का चयन किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा तैयार किए गए ये कूलिंग स्टेशन सामान्य विश्राम स्थलों से कहीं अधिक सुविधाजनक बनाए गए हैं। यहां बैठने के लिए आरामदायक बेंच उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है और वातावरण को ठंडा बनाए रखने के लिए कूलर लगाए गए हैं। विशेष तकनीक के तहत चारों ओर सूखी घास की परत लगाकर उसमें पाइपलाइन के माध्यम से पानी की व्यवस्था की गई है, जिससे पूरा परिसर प्राकृतिक रूप से ठंडा बना रहता है और अंदर का तापमान बाहरी वातावरण की तुलना में काफी कम महसूस होता है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि भीषण गर्मी के इस दौर में आमजन की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निगम द्वारा बनाए गए कूलिंग स्टेशन विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहत केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं, जिन्हें लंबे समय तक धूप में रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राहगीर, श्रमिक, रिक्शा चालक, ठेला संचालक और अन्य नागरिक इन केंद्रों का लाभ उठा रहे हैं तथा गर्म हवाओं से बचने के लिए यहां कुछ समय विश्राम कर राहत महसूस कर रहे हैं। नगर निगम को इन कूलिंग स्टेशनों के संबंध में सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है। यही कारण है कि आवश्यकता के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इन केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है, ताकि पेयजल, कूलर और अन्य व्यवस्थाएं लगातार सुचारु रूप से संचालित होती रहें।
नगर निगम की यह पहल केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि भीषण गर्मी के बीच नागरिकों के प्रति संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बनकर सामने आई है। जिस समय लू और बढ़ता तापमान लोगों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं, उस समय कूलिंग स्टेशन हजारों राहगीरों को राहत पहुंचाकर मानव सेवा का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। नगर निगम का यह प्रयास शहरवासियों के बीच सराहना का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।

















