-जनगणना सिर्फ आंकड़ों का संग्रह नहीं, देश के भविष्य की विकास रूपरेखा है: शीतल वर्मा
-जनगणना को जनआंदोलन बनाने की तैयारी, आरडब्ल्यूए और एओए की भी होगी अहम भूमिका
-हर परिवार तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश, विशेष शिविरों और जनजागरूकता अभियान पर रहेगा फोकस
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए गाजियाबाद में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जनगणना के प्रथम चरण के कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश की मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की योजनाओं का आधार है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी इसकी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराए। बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अंजनी कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, प्रभारी जनगणना डॉ. अनुज सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, चार्ज अधिकारी, सुपरवाइजर और जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तीन जून तक सीएमएमएस पोर्टल पर अपलोड किए गए जनगणना-2027 के प्रथम चरण के आंकड़ों और कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने कहा कि जनगणना का पहला चरण 20 जून से पहले हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन प्रगणकों और सुपरवाइजरों का कार्य धीमा चल रहा है या जिनके निर्धारित समय पर कार्य पूरा न होने की आशंका है, उनकी विशेष निगरानी की जाए और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। शीतल वर्मा ने कहा कि जनगणना में एक छोटी सी त्रुटि भी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। इसलिए प्रत्येक चार्ज अधिकारी प्रतिदिन सीएमएमएस पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे आंकड़ों की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि प्रत्येक विवरण पूरी तरह सही, प्रमाणिक और त्रुटिरहित हो। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की शुद्धता जनगणना की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में नगर निगम क्षेत्र के लिए विशेष रणनीति भी तैयार की गई। शीतल वर्मा ने अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आवासीय कल्याण समितियों (आरडब्ल्यूए) तथा अपार्टमेंट स्वामी संघों (एओए) के साथ नियमित बैठकें आयोजित करें। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि जनगणना टीमों की पहुंच प्रत्येक मकान, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक नागरिक तक हो सके। उन्होंने कहा कि कोई भी परिवार या भवन सर्वेक्षण से वंचित नहीं रहना चाहिए। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने जनजागरूकता को भी सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि जनगणना के प्रति लोगों में विश्वास और जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। प्रगणक और सुपरवाइजर सर्वेक्षण के दौरान फोटोग्राफ और सेल्फी लेकर सामाजिक माध्यमों पर साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि जनभागीदारी जितनी अधिक होगी, जनगणना उतनी ही सफल होगी। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद प्रत्येक प्रगणक और सुपरवाइजर से कवरेज प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाए और उसे सुरक्षित रखा जाए। साथ ही प्रत्येक क्षेत्र का नजरी नक्शा भी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की विसंगति की संभावना न रहे। जनगणना कार्य में गति लाने के लिए आगामी शनिवार और रविवार को विशेष शिविर आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। इन शिविरों के माध्यम से छूटे हुए परिवारों और भवनों का सर्वेक्षण पूरा किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और संबंधित स्थानों पर प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। शीतल वर्मा ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने का कार्य नहीं है, बल्कि यही आंकड़े भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं की दिशा तय करते हैं।
इसलिए सभी अधिकारी इसे मिशन मोड में पूरा करें। उन्होंने हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर भी विशेष बल दिया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा जनगणना-2027 देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़े भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए जनपद के सभी अधिकारी और कर्मचारी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध एवं त्रुटिरहित तरीके से पूरा करें। हमारा प्रयास है कि जनपद का कोई भी परिवार और भवन सर्वेक्षण से वंचित न रहे तथा निर्धारित समय सीमा से पूर्व प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाए।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा नगर निगम क्षेत्र में जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है। आरडब्ल्यूए, एओए और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से प्रत्येक आवासीय क्षेत्र तक जनगणना टीमों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम का लक्ष्य है कि जनगणना का प्रत्येक आंकड़ा शुद्ध, प्रमाणिक और अद्यतन हो। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनगणना-2027 का प्रथम चरण पूरी गुणवत्ता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।















