‘योगी जी, अब माफ कर दो…’, गाजियाबाद में तख्तियां हाथ में लेकर अपराधियों ने खाई अपराध छोडऩे की शपथ

-कमिश्नरेट पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ तेज, कैलाभट्टा में एक हजार चिन्हित अपराधियों का सत्यापन शुरू
-हिस्ट्रीशीटरों, लुटेरों और गैंगस्टर आरोपियों की परेड, पुलिस ने खंगाली वर्तमान गतिविधियां
-अपराधियों पर लगातार नजर, अपराध की राह पर लौटे तो होगी सख्त कार्रवाई: धवल जायसवाल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कमिश्नरेट पुलिस द्वारा अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। हाथों में तख्तियां लिए कई चिन्हित अपराधी पुलिस के सामने खड़े दिखाई दिए। तख्तियों पर लिखा था—  ‘योगी जी अब माफ कर दो ‘,  ‘अब कोई अपराध नहीं करेंगे’ और  ‘अपराध छोड़कर सामान्य जीवन अपनाएंगे।’ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में इन अपराधियों ने भविष्य में अपराध से दूर रहने और कानून का पालन करने की शपथ भी ली।
हाल के दिनों में खोड़ा, लोनी और अन्य क्षेत्रों में हुई सनसनीखेज घटनाओं के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और निगरानी को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को नगर कोतवाली क्षेत्र के कैलाभट्टा इलाके में बड़े स्तर पर ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाया गया। अभियान का नेतृत्व डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने किया, जबकि सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली उपासना पाण्डेय, कोतवाली प्रभारी और विजयनगर थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। अभियान के दौरान पुलिस ने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों, लूट, झपटमारी, शराब तस्करी, गैंगस्टर तथा अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहे चिन्हित अपराधियों का सत्यापन किया।

पुलिस टीमों ने उनके घरों पर पहुंचकर वर्तमान गतिविधियों, रोजगार, सामाजिक व्यवहार और पारिवारिक स्थिति की जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने यह भी जांच की कि कहीं वे दोबारा आपराधिक गतिविधियों में तो शामिल नहीं हो रहे हैं। कैलाभट्टा क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान के दौरान कई अपराधियों को एकत्र कर उनकी परेड कराई गई। इस दौरान उनसे सार्वजनिक रूप से अपराध छोडऩे की अपील कराई गई और भविष्य में कानून का सम्मान करने की शपथ दिलाई गई। हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर खड़े अपराधियों ने यह भरोसा दिलाने का प्रयास किया कि वे अब समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ केवल अपराधियों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अपराध की दुनिया में सक्रिय लोगों पर लगातार निगरानी रखना और उन्हें कानून का पालन करने के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि पुराने अपराधी दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल न हों।

यदि कोई व्यक्ति फिर से अपराध के रास्ते पर लौटता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले खोड़ा, लोनी, लोनी बॉर्डर और साहिबाबाद क्षेत्रों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जा चुके हैं। इन अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और कई अपराधियों ने अपराध से दूरी बनाकर रोजगार एवं सामाजिक जीवन की ओर कदम बढ़ाए हैं। पुलिस के अनुसार कैलाभट्टा क्षेत्र में करीब एक हजार चिन्हित अपराधियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। अभियान के तहत प्रत्येक अपराधी की वर्तमान स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

कमिश्नरेट पुलिस का मानना है कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराधियों के पुनर्वास और उनकी गतिविधियों की सतत निगरानी भी जरूरी है। इसी सोच के तहत ‘ऑपरेशन क्लीन’ को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।