गाजियाबाद में धूल के खिलाफ नगर निगम का ‘मेगा क्लीन-अप’, हाईटेक तकनीक से सड़कों को मिली नई चमक

-हाईटेक मशीनों से पांचों जोन की सड़कों पर चला मेगा सफाई अभियान
-एंटी-स्मॉग मशीन, डुलेवो सक्शन मशीन और वॉटर स्प्रिंकलर से प्रमुख मार्गों को किया गया धूलमुक्त
-सुबह पांच बजे से चला विशेष अभियान, डेढ़ टन लिगेसी डस्ट और हॉर्टिकल्चर वेस्ट हटाकर कराया गया निस्तारण
-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषणमुक्त गाजियाबाद बनाने की दिशा में बड़ी पहल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को धूलमुक्त, स्वच्छ और प्रदूषण रहित बनाने की दिशा में शनिवार को नगर निगम ने शनिवार सुबह व्यापक स्तर पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में नगर निगम के पांचों जोनों में एक साथ ‘रिमूवल ऑफ लेगेसी डस्ट एंड सॉलिड/हॉर्टिकल्चर वेस्ट अभियान’ संचालित किया गया। अभियान के दौरान आधुनिक मशीनों और मैन्युअल सफाई व्यवस्था के समन्वय से प्रमुख सड़कों, मेट्रो पिलर्स, ग्रीन बेल्ट तथा सार्वजनिक स्थलों पर वर्षों से जमा धूल और उद्यान संबंधी कचरे को हटाकर शहर को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग, उद्यान विभाग, जलकल विभाग तथा निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मैदान में उतरे और अभियान की निगरानी करते हुए कर्मचारियों के साथ सफाई कार्य कराया। अधिकारियों ने विभिन्न जोनों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और निर्धारित समय सीमा के भीतर अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान शहर में जमा लिगेसी डस्ट तथा हॉर्टिकल्चर वेस्ट को विशेष डस्ट वेस्ट बैग्स में एकत्र किया गया।
इसके बाद इस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के लिए निर्धारित स्थानों पर भेजा गया। नगर निगम की टीमों ने सड़क किनारे, डिवाइडरों, फुटपाथों तथा ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में जमा धूल और कचरे को हटाकर पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई सुनिश्चित की। धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस बार हाईटेक तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया गया। नगर निगम ने एंटी-स्मॉग मशीन, वॉटर स्प्रिंकलर तथा डुलेवो सक्शन मशीन के माध्यम से प्रमुख मार्गों पर जमी धूल को हटाया। विशेष रूप से मेट्रो पिलर्स के आसपास वर्षों से जमा धूल को सक्शन तकनीक से साफ किया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में पानी का छिड़काव कर उड़ती धूल पर प्रभावी नियंत्रण किया गया, जिससे आसपास का वातावरण अधिक स्वच्छ और प्रदूषण रहित दिखाई दिया।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया कि नगर निगम द्वारा यह विशेष अभियान सुबह पांच बजे से आठ बजे तक चलाया गया, ताकि यातायात प्रभावित न हो और सफाई कार्य भी प्रभावी ढंग से संपन्न किया जा सके। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों से लगभग डेढ़ टन धूल हटाई गई, जिसे वैज्ञानिक निस्तारण प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि मोहन नगर जोन में श्याम पार्क मेट्रो स्टेशन से दिल्ली बॉर्डर तक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इंदिरापुरम जोन में नीति खंड-3 क्षेत्र, कविनगर जोन में गोविंदपुरम, विजयनगर जोन में तिगड़ी गोल चक्कर से अकबरपुर बहरामपुर मार्ग तक तथा सिटी जोन में भाटिया पुल से लाल कुआं तक व्यापक स्तर पर धूल हटाने और पानी का छिड़काव करने का कार्य किया गया। सभी स्थानों पर सफाई कर्मियों ने आधुनिक मशीनों के साथ-साथ मैन्युअल सफाई भी की, जिससे सड़कें पहले की तुलना में काफी स्वच्छ नजर आईं। अभियान के दौरान नागरिकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई। स्थानीय लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, सड़क किनारे कूड़ा न फेंकने तथा धूल प्रदूषण रोकने में सहयोग करने के लिए जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि नगर निगम की ओर से नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाए जाएंगे, लेकिन शहर को स्वच्छ रखने में नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इस विशेष अभियान में उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, निर्माण विभाग की टीम तथा स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी विभागों ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों की सफाई, पौधों के आसपास जमा कचरा हटाने और सार्वजनिक स्थलों को व्यवस्थित बनाने का कार्य किया। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में धूल प्रदूषण कम करने के लिए भविष्य में भी आधुनिक मशीनों का नियमित उपयोग किया जाएगा।
साथ ही प्रमुख मार्गों पर समय-समय पर पानी का छिड़काव, सक्शन मशीनों से सफाई और हरित क्षेत्रों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि गाजियाबाद को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषणमुक्त शहर बनाने के लिए नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और आने वाले समय में भी इस तरह के विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।