-राजनगर रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा अंडरपास, लाखों लोगों का सफर होगा सुगम और जाम से मिलेगी स्थायी राहत
-कविनगर का पुराना गेस्ट हाउस बनेगा अत्याधुनिक उत्सव भवन, सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजनों को मिलेगा नया ठिकाना
-जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने किया स्थलीय निरीक्षण, अधिकारियों को सर्वे, डीपीआर और कार्ययोजना जल्द तैयार करने के निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की यातायात व्यवस्था को जाममुक्त बनाने और नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। एक ओर राजनगर सेक्टर-2 स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर कविनगर स्थित पुराने गेस्ट हाउस को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कन्वेंशन सेंटर सह उत्सव भवन के रूप में विकसित करने की योजना को भी गति दी गई है। शुक्रवार को जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने दोनों प्रस्तावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) के सामने स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतिदिन लगने वाले भीषण जाम को देखते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि रेलवे फाटक बंद होते ही वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों को घंटों तक जाम में फंसना पड़ता है और रोजमर्रा का आवागमन प्रभावित होता है। उपाध्यक्ष ने स्वयं भी मौके पर यातायात का दबाव देखा और माना कि इस समस्या का सबसे प्रभावी एवं स्थायी समाधान अंडरपास का निर्माण है।
उन्होंने जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता आलोक रंजन, अधिशासी अभियंता योगेश पटेल एवं अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंडरपास निर्माण के लिए तत्काल सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराया जाए। साथ ही रेलवे एवं अन्य संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की कार्रवाई शुरू की जाए। प्रस्तावित अंडरपास बनने से राजनगर, कविनगर, शास्त्री नगर, यूपीएसआईडीसी क्षेत्र, आरडीसी तथा आसपास के लाखों लोगों को प्रतिदिन लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल यातायात सुचारु होगा, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी और लोगों का समय बचेगा। निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राजनगर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित अंडरपास शहर के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा, जिससे वर्षों पुरानी जाम की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा। सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारा जाएगा।
जीडीए बनाएगा अत्याधुनिक ‘उत्सव भवन’ और कन्वेंशन सेंटर
इसी क्रम में जीडीए उपाध्यक्ष ने कविनगर स्थित पुराने गेस्ट हाउस परिसर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर की उपलब्ध भूमि, भवन की वर्तमान स्थिति और संभावनाओं का आकलन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परिसर को अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर सह बैंक्वेट हॉल (उत्सव भवन) के रूप में विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। प्राधिकरण इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अथवा स्वयं विकसित करने के विकल्पों पर कार्य कर रहा है। प्रस्तावित उत्सव भवन तैयार होने के बाद शहरवासियों को विवाह समारोह, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सरकारी तथा कॉरपोरेट आयोजनों के लिए आधुनिक, सुरक्षित और अपेक्षाकृत किफायती स्थल उपलब्ध हो सकेगा। इससे विशेष रूप से मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को बेहतर सुविधाएं सुलभ दरों पर मिल सकेंगी।
उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना से जुड़ी तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए तथा विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि शहर के विकास का उद्देश्य केवल नई सड़कें बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। कविनगर का प्रस्तावित उत्सव भवन गाजियाबाद की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान देगा। जीडीए जनहित से जुड़ी प्रत्येक परियोजना को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहा है, ताकि शहर को आधुनिक और सुविधासंपन्न बनाया जा सके। दोनों परियोजनाओं को लेकर स्थानीय नागरिकों ने भी खुशी जताई है। लोगों का मानना है कि यदि राजनगर रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास और कविनगर में आधुनिक उत्सव भवन का निर्माण समय पर पूरा हो जाता है तो इससे शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इन दोनों योजनाओं को गाजियाबाद के आधारभूत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
















