स्वच्छता के गाजियाबाद मॉडल का प्रदेश में डंका, मुख्यमंत्री योगी ने किया ‘क्लीन गाजियाबाद, ग्रीनर टुमॉरो’ का अनावरण

  • हरित विकास और स्वच्छता के मॉडल पर आगे बढ़ेगा उत्तर प्रदेश : योगी आदित्यनाथ
  • नगर निगम के समेकित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल और हरित विकास की मुख्यमंत्री ने की खुलकर सराहना
  • कचरे से हरियाली तक का सफर, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी से बदल रही शहर की तस्वीर
  • नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने प्रस्तुत किया ढाई वर्षों के विकास और पर्यावरण संरक्षण का विजन

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद को स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम द्वारा किए जा रहे नवाचारों को शनिवार को बड़ी पहचान मिली, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद नगर निगम की विशेष कॉफी टेबल बुक  ‘क्लीन गाजियाबाद, ग्रीनर टुमॉरो’ का अनावरण किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मुख्यमंत्री और उपस्थित जनप्रतिनिधियों के समक्ष नगर निगम के समेकित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न नवाचारों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्यमंत्री ने शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए नगर निगम की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं। लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में आयोजित कार्यक्रम में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने पिछले ढाई वर्षों में गाजियाबाद नगर निगम द्वारा स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, हरित विकास, वायु गुणवत्ता सुधार तथा जनभागीदारी के माध्यम से किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विस्तार से विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि नगर निगम केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण, कंपोस्ट निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को एकीकृत मॉडल के रूप में लागू कर रहा है।

नगर आयुक्त ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि नगर निगम द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा गया है। आधुनिक वाहन ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से सभी कूड़ा संग्रहण वाहनों की वास्तविक समय में निगरानी की जा रही है, जिससे पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी है। शहर में स्थापित मटेरियल रिकवरी सेंटर, ट्रांसफर स्टेशन, कचरा प्रसंस्करण इकाइयों और कंपोस्टिंग केंद्रों के माध्यम से गीले और सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण एवं पुन: उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने केवल स्वच्छता तक ही अपने प्रयास सीमित नहीं रखे हैं, बल्कि कचरा हटाकर वहां हरित क्षेत्र विकसित करने का अभियान भी चलाया है। शहर के विभिन्न वेस्ट प्वाइंट पर पौधारोपण कर उन्हें हरित स्थलों में परिवर्तित किया जा रहा है। इसके साथ ही सेंट्रल वर्ज पर बड़े स्तर पर हरियाली बढ़ाई जा रही है तथा नई नर्सरियां विकसित कर पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा दी जा रही है।

नगर आयुक्त ने बताया कि शहर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नियमित रूप से वॉटर स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग गन के माध्यम से सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। धूल नियंत्रण के विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे गाजियाबाद को धूलमुक्त और स्वच्छ बनाने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था को मजबूत किया गया है और उपचारित जल औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक जल संसाधनों पर दबाव कम हो रहा है। प्रस्तुतीकरण में नगर निगम की स्वच्छता प्रयोगशाला, सामुदायिक कंपोस्टिंग केंद्र, पुन: उपयोग एवं पुनर्चक्रण केंद्र, प्लास्टिक मुक्त अभियान, कांच पुनर्चक्रण केंद्र, स्वच्छ मोहल्ला स्क्वायड तथा विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए संचालित कार्यक्रमों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। नगर आयुक्त ने बताया कि जनभागीदारी के बिना स्वच्छ शहर का सपना पूरा नहीं हो सकता, इसलिए नगर निगम लगातार नागरिकों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों को स्वच्छता अभियान से जोड़ रहा है।

लगभग 40 पृष्ठों की इस कॉफी टेबल बुक में गाजियाबाद नगर निगम द्वारा पिछले ढाई वर्षों में किए गए विकास कार्यों, स्वच्छता अभियानों, पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास, आधुनिक तकनीक के उपयोग और नागरिक सहभागिता से जुड़े सभी प्रमुख कार्यों का विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम में उपस्थित महापौर सुनीता दयाल, कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, सांसद अतुल गर्ग, क्षेत्रीय अध्यक्ष पश्चिम उत्तर प्रदेश भाजपा नवाब सिंह नागर, राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप, प्रभारी मंत्री असीम अरुण, सदर विधायक संजीव शर्मा, लोनी विधायक नन्दकिशोर गुर्जर, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, विधान परिषद सदस्य दिनेश गोयल तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी नगर निगम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे गाजियाबाद के सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम द्वारा किए जा रहे नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक का समन्वय ही भविष्य के विकसित शहरों की पहचान है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रखने के निर्देश दिए तथा विश्वास व्यक्त किया कि गाजियाबाद आने वाले समय में स्वच्छ, हरित और सतत विकास के क्षेत्र में प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।