-16,436 पात्र आवेदकों के बीच हुआ ऑनलाइन ड्रॉ, सफल आवेदकों के मोबाइल पर तुरंत पहुंचा संदेश
-ए श्रेणी के 24, बी के 49, सी के 24 और डी के 12 भूखंड हुए आवंटित
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में अपने घर का सपना संजोए हजारों आवेदकों का इंतजार बुधवार को खत्म हो गया। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से हिंदी भवन, लोहिया नगर में चार श्रेणियों के 109 आवासीय भूखंडों के आवंटन के लिए ऑनलाइन ई-लॉटरी आयोजित की गई। हालांकि लॉटरी शुरू होते ही सर्वर डाउन और बाद में धीमा होने से कुछ समय के लिए मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। आवेदकों ने प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई। जीडीए अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया और तकनीकी समस्या दूर होने के बाद ई-लॉटरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देश पर आयोजित ई-लॉटरी अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान संयुक्त सचिव सुशील कुमार चौबे, वित्त नियंत्रक सिद्धार्थ गौतम, ओएसडी कनिका कौशिक, एसडीएम सदर अजित सिंह, जीडीए निरीक्षक नरेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ई-लॉटरी का जीडीए के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण भी किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। ई-लॉटरी के लिए आवेदक सुबह करीब दस बजे से ही हिंदी भवन पहुंचने लगे थे।
बड़ी संख्या में आवेदकों के पहुंचने से सभागार पूरी तरह भर गया। निर्धारित समय सुबह 11:30 बजे प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन कुछ ही देर में जीडीए का सर्वर डाउन हो गया। बड़ी एलईडी स्क्रीन पर ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रसारण भी प्रभावित हुआ। सर्वर धीमा होने के कारण आवेदकों में असमंजस की स्थिति बन गई और कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। जीडीए की ओर से तकनीकी टीम के साथ आगरा से विशेष रूप से बुलाई गई टीम ने समस्या को ठीक करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आवेदकों को बताया कि तकनीकी समस्या के कारण सर्वर की गति प्रभावित हुई है और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखते हुए ही लॉटरी कराई जाएगी। इसके बाद जनहित पोर्टल पर म्यूटेशन समेत कुछ अन्य काम अस्थायी रूप से बंद किए गए, जिसके बाद सर्वर ने सामान्य रूप से काम करना शुरू कर दिया। सर्वर ठीक होने के बाद ई-लॉटरी की प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई। सबसे पहले टाइप-ए श्रेणी के 24 भूखंडों का ऑनलाइन आवंटन किया गया।
इस दौरान कुछ आवेदकों को प्रक्रिया में शामिल कर उनके सामने ई-लॉटरी कराई गई। ड्रॉ के बाद सफल आवेदकों की सूची जनहित पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई गई। ई-लॉटरी के दौरान कुछ आवेदकों ने भूखंड नहीं मिलने पर विरोध जताया। विशेष रूप से टाइप-ए की लॉटरी के बाद कुछ लोगों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि पूरी प्रक्रिया कम्प्यूटरीकृत है और पारदर्शिता के लिए इसका सीधा प्रसारण किया जा रहा है। जीडीए की ओर से बताया गया कि ई-लॉटरी में शामिल नहीं होने वाले आवेदक भी अपने मोबाइल, लैपटॉप या अन्य माध्यम से घर और कार्यालय से प्रक्रिया देख सकते हैं। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि ई-लॉटरी को पारदर्शी और जनसुलभ बनाने के लिए इसका सीधा प्रसारण किया गया। उन्होंने कहा कि आवेदकों को लॉटरी स्थल पर आने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से पूरी प्रक्रिया देखी जा सकती है। सफल आवेदकों की आगामी औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद संबंधित भूखंडों का स्थल पर कब्जा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
42 हजार से अधिक आवेदनों में से पहले चरण में 16,436 पात्र
मधुबन-बापूधाम योजना के इन चार वर्गों के 109 भूखंडों के लिए कुल 16,478 आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद इनमें 16,436 आवेदन पात्र पाए गए। सीमित संख्या में उपलब्ध भूखंडों का आवंटन इन्हीं पात्र आवेदकों के बीच कम्प्यूटरीकृत ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया। टाइप-ए में 200 वर्गमीटर के 24 भूखंडों के लिए 3,755 आवेदन प्राप्त हुए थे। टाइप-बी में 150 वर्गमीटर के 49 भूखंडों के लिए 10,354 आवेदन आए। टाइप-सी में 120 वर्गमीटर के 24 भूखंडों के लिए 1,719 आवेदन और टाइप-डी में 115 वर्गमीटर के 12 भूखंडों के लिए 619 आवेदन प्राप्त हुए थे।
लॉटरी के दौरान जैसे ही किसी आवेदक का भूखंड निकला, सॉफ्टवेयर के माध्यम से उसके मोबाइल पर तत्काल एसएमएस भेजकर चयन की सूचना दी गई। लंबे समय से अपने घर के सपने को पूरा करने की उम्मीद लगाए बैठे सफल आवेदकों के मोबाइल पर संदेश पहुंचते ही उनके चेहरे खिल उठे। हिंदी भवन में मौजूद कुछ सफल आवेदकों ने खुशी का इजहार किया। कई लोगों के लिए यह सिर्फ भूखंड मिलने की सूचना नहीं, बल्कि अपने परिवार के लिए आशियाना तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम रहा।
आज 241 भूखंडों की फिर होगी ई-लॉटरी
मधुबन-बापूधाम योजना के शेष 241 आवासीय भूखंडों के आवंटन के लिए गुरुवार को दूसरे चरण की ई-लॉटरी आयोजित की जाएगी। इसमें टाइप-ई, एफ, जी और एच श्रेणी के भूखंड शामिल होंगे। लॉटरी सुबह 11:30 बजे से दोपहर दो बजे तक प्रस्तावित है। इसका भी जीडीए के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। जीडीए के अनुसार योजना में बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके आसपास नमो भारत रैपिड रेल, हिंडन एलिवेटेड रोड, रेलवे ओवरब्रिज और विकसित भारत थीम पार्क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण ऑनलाइन प्रसारण की व्यवस्था की गई है, ताकि आवेदक अपने घर, कार्यालय या अन्य स्थान से लॉटरी की पूरी प्रक्रिया देख सकें। दूसरे चरण की लॉटरी के बाद योजना के शेष भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।















