डीडीसी चुनाव में भाजपा का बेहतर प्रदर्शन
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव की तस्वीर लगभग स्पष्ट हो चुकी है। गुपकर गठबंधन ने 100 सीटों पर जीत का परचम लहरा लिया है। इसके अलावा भाजपा 73 सीटें जीतने में कामयाब रही। इसके अलावा 47 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों की झोली में आ चुकी हैं। कुछ सीटों के परिणाम आने अभी बाकी हैं। डीडीसी चुनाव के जरिए भाजपा ने कश्मीर घाटी के भीतर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर विरोधियों को चौंका दिया है। उधर, डीडीसी चुनाव के नतीजे आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने भाजपा पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार जम्मू-कश्मीर में अब जल्द विधान सभा चुनाव नहीं कराएगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता एवं पूर्व सीएम उमर अब्दुल्लाह कहा कि इस हार के साथ मुझे नहीं लगता कि भाजपा जल्द विधान सभा चुनाव करा पाएगी। यदि वह लोकतंत्र में भरोसा रखते तो अब तक विस चुनाव की घोषणा कर दी जाती। उन्होंने कहा कि हमें यह भी स्वीकार करना चाहिए कि कुछ क्षेत्रों में हमारे संगठन में कुछ कमजोरी हैं। कुछ सीटों पर चुनाव जीतने की उम्मीद पूरी नहीं हो पाई। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव कुल 280 सीटों पर कराए गए थे। इनमें जम्मू में 140 और कश्मीर में 140 सीट पर चुनाव हुए थे। चुनाव नतीजे आने के बाद गुपकर गठबंधन सबसे मजबूत बनकर उभरा है। हालाकि भाजपा ने भी डीडीसी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर विरोधियों की बेचैनी बढ़ा दी है। गुपकर गठबंधन ने इस चुनाव में 100 से ज्यादा सीटें जीती हैं। जबकि भाजपा के खाते में 73 सीटें आई हैं। 47 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने कब्जा किया है। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी 11 सीटों पर सिमट गई है। भाजपा के लिए राहत की बात यह है कि उसने कश्मीर घाटी के भीतर कमल खिलाकर विरोधियों की नींद उड़ा दी है। कश्मीर घाटी मुस्लिम बहुल एरिया है। वहां भाजपा का चुनाव जीतना बदलते राजनीतिक समीकरण का उदाहरण है।
















