गाजियाबाद। जनपद में कुख्यात बदमाशों के खिलाफ पुलिस सख्त रूख अपना रही है। पुलिस ने पिछले 6 माह में बदमाशों की करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की है। इससे अपराधियों पर बड़ा असर पड़ा है। घंटाघर कोतवाली पुलिस ने तहसीलदार (सदर) प्रवर्धन शर्मा की मौजूदगी में शाहपुर-बम्हैटा में करोड़ों रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं, पुलिस के हत्थे चढ़े कुख्यात मुखलाल से करीब 1.50 करोड़ रुपए की संपत्ति के दस्तावेज मिले। करीब 15 साल में मुखलाल ने चोरी व गांजा तस्करी से यह संपत्ति बनाई है। यह सभी संपत्ति आरोपी ने पत्नी के नाम से खरीदी हैं। दिल्ली गेट निवासी मुखलाल को मकान से 70 लाख रुपए की चोरी में गिरफ्तार किया गया था। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि बीते तीन माह के दौरान पुलिस ने 12 मामलों में करीब 28 करोड़ रुपए की संपत्ति प्रशासन की टीम के साथ जब्त की है। मुखलाल की संपत्ति भी पुलिस ने चिन्हित करनी शुरू कर दी है। एसएसपी ने बताया कि जिले के सभी थानों में सक्रिय बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में करीब 140 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें से 500 से अधिक बदमाशों को आरोपी बनाया गया। इनमें से आधे से अधिक बदमाशों को पुलिस जेल भेज चुकी है। इसके अलावा गैंगस्टर एक्ट के तहत 20 कुख्यात बदमाशों की 28 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा चुकी हैं। 10 से अधिक बदमाशों की करोड़ों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया चल रही हंै। उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं असामाजिक क्रिया कलाप (निवारण अधिनियम 1986 की धारा-14) के तहत पुलिस आरोपियों के बैंक खाते खंगालती है। नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, जीडीए व राजस्व विभाग से संबंधित अपराधी की कुल संपत्ति व पैतृक संपत्ति की जानकारी लेकर रिपोर्ट बनाती है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी अपराधी को नोटिस देते हैं। सुनवाई के बाद डीएम संपत्ति जब्त करने के आदेश देते हैं। इसके बाद पुलिस व प्रशासन की टीम चिन्हित संपत्तियों को जब्त करती है। एसएसपी ने बताया कि अभी तक इन बदमाशों में मोदीनगर के कुख्यात शराब माफिया अविनाश उर्फ रवि के खिलाफ पुलिस ने सबसे बड़ी कार्रवाई कर 6 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर बैंक्वेट हाल भी शामिल हैं। वहीं, हत्या और आम्र्स एक्ट के आरोपी कृष्ण पाल यादव की 2 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई।
















