-8 से 10 दिनों में शुरू होगा ट्रायल रन, यात्रियों को 10 से 30 रुपये तक देना होगा किराया
-जेवर एयरपोर्ट से बॉटेनिकल गार्डन और गाजियाबाद तक जुड़ेंगे प्रमुख रूट
-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की तैयारी, हर 5 से 7 मिनट में मिलेगी बस सेवा
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में नोएडा अथॉरिटी ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में जल्द ही 100 ई-बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है, जिससे लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। मंगलवार को नोएडा अथॉरिटी और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के अधिकारियों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में ई-बस सेवा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि अगले 8 से 10 दिनों के भीतर 8 ई-बसों के साथ ट्रायल रन शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के लिए पहली खेप में बसें नोएडा पहुंच चुकी हैं और चरणबद्ध तरीके से अन्य बसों को भी बेड़े में शामिल किया जाएगा। नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यूपीएसआरटीसी के साथ होने वाले समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जाए, ताकि निर्धारित समय में बसों का संचालन शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि यदि ई-बस सेवा को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिला, तो भविष्य में बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, 15 जून तक 25 से 30 अतिरिक्त ई-बसें नोएडा पहुंच जाएंगी। इसके बाद लगभग एक महीने के भीतर सभी 100 बसों को संचालन में शामिल करने की योजना है। खास बात यह है कि किसी भी सार्वजनिक परिवहन परियोजना को मंजूरी मिलने के महज दो महीने के भीतर संचालन शुरू करने की यह पहली बड़ी पहल मानी जा रही है। बैठक में किराया संरचना को भी अंतिम रूप दे दिया गया। यात्रियों को न्यूनतम 10 रुपये और अधिकतम 30 रुपये तक किराया देना होगा। अधिकारियों का कहना है कि किराया आम लोगों की सुविधा और वहन क्षमता को ध्यान में रखकर तय किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। ई-बस सेवा के लिए जिन रूटों को प्राथमिकता दी गई है, उनमें नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा से बॉटेनिकल गार्डन, ग्रेटर नोएडा वेस्ट से नोएडा, परी चौक से बॉटेनिकल गार्डन, नोएडा से सराय काले खां, आनंद विहार और गाजियाबाद पुराना बस अड्डा तक के प्रमुख रूट शामिल हैं। इन मार्गों पर बड़ी संख्या में रोजाना लोग यात्रा करते हैं, ऐसे में ई-बस सेवा शुरू होने से ट्रैफिक दबाव कम होने के साथ लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी।
नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि बस स्टॉप और बस स्टैंड की व्यवस्था के लिए भी तेजी से सर्वे कराया जा रहा है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां यात्रियों को आसानी से बस सेवा उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि, ई-बस परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सामने आ रही है। वर्तमान में शहर में केवल 5 से 6 चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, जो 100 बसों के संचालन के लिए पर्याप्त नहीं माने जा रहे। इसे देखते हुए अथॉरिटी ने अपने इलेक्ट्रिकल विभाग को जल्द अतिरिक्त चार्जिंग स्टेशन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। योजना के अनुसार, व्यस्त रूटों पर यात्रियों को हर 5 से 7 मिनट में ई-बस उपलब्ध होगी, जबकि कम व्यस्त मार्गों पर 15 मिनट के अंतराल में बस सेवा संचालित की जाएगी।
इससे यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी। ई-बस सेवा शुरू होने से प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। शहरवासियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि बसों का संचालन समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से किया गया तो नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में सफर करना काफी आसान हो जाएगा। प्रशासन का दावा है कि यह परियोजना आने वाले समय में नोएडा की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है।
नोएडा में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना अथॉरिटी की प्राथमिकता है। ई-बस सेवा शुरू होने से लोगों को सस्ती, सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी, साथ ही शहर में प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। यूपीएसआरटीसी के साथ समझौते की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही ट्रायल रन शुरू कर दिया जाएगा। यदि यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिलता है तो भविष्य में ई-बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
कृष्ण करुणेश
मुख्य कार्यपालक अधिकारी
नोएडा अथॉरिटी
















