हरनंदीपुरम योजना में डीपीआर बनाने के लिए 3 कंपनियों ने दिया प्रेजेंटेशन

-समिति द्वारा प्रेजेंटेशन के आधार पर ही क्वालीफाई करने वाली कंपनी की खोली जाएगी बिड

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महत्वाकांक्षी एवं नई हरनंदीपुरम आवासीय योजना का परवान चढ़ाने के लिए अब कवायद तेज होने लगी है। इसी क्रम में मंगलवार को जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अध्यक्षता में जीडीए सभागार में सुबह 11 बजे से हरनंदीपुरम योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाए जाने को लेकर 3 कंपनियों ने प्रेजेंटेशन दिया। इन कंपनियों में मैसर्स ट्रेकटेेबेल इंजीनियरिंग, मैसर्स एंजिल कंसलटेंसी सर्विसेज एवं मैसर्स डीडीएफ कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह,फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, प्रभारी चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता आलोक रंजन एवं सहायक अभियंता आदि उपस्थित रहे।

जीडीए उपाध्यक्ष के समक्ष तीनों कंपनियों ने हरनंदीपुरम योजना की डीपीआर के लिए अपनी-अपनी योजना को प्रस्तुत किया गया। इसमें मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्र, कॉमर्शियल क्षेत्र के अलावा संपूर्ण प्लान को समायोजित किया गया है। इसके अलावा पानी की निकासी एवं प्रदूषण से निपटने के लिए इंतजाम का भी विस्तृत विवरण दिया गया। रोड कनेक्टिविटी के बारे में भी कपंनियों द्वारा अपनी प्लानिंग का प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान बैठक में उपस्थित जीडीए अधिकारियों द्वारा कई तरह के सवाल कंपनियों के प्रतिनिधि से पूछे गए। इस पर कंपनियों के प्रतिनिधि ने अपने जवाब दिए।

जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि हरनंदीपुरम योजना का प्रेजेंटेशन देने वाली तीनों कंपनियों की फाइनेंशियल बिड में क्वालीफाई करने के लिए न्यूनतम 70 अंक हासिल करना अनिवार्य किया गया हैं। इसका निर्णय जीडीए अधिकारियों की बनाई गई समिति द्वारा प्रेजेंटेशन के आधार पर लिया जाएगा। समिति द्वारा प्रेजेंटेशन के आधार पर ही क्वालीफाई करने वाली कंपनी का ही वित्तीय बिड़ खोली जाएगी। वित्तीय बिड़ में क्वालीफाई करने वाली कंपनी को कार्यादेश जारी किया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि महत्वपूर्ण बात यह है कि हरनंदीपुरम योजना की डीपीआर में प्रति हेक्टेयर जमीन के हिसाब से भुगतान किए जाने की शर्त निर्धारित की गई है। इसके आधार पर चयनित होने वाली कंपनी को भुगतान किया जाएगा।