रामपुर में ‘नशे’ के खिलाफ बड़ा युद्ध शुरू, युवाओं के लिए चलेगा राज्यस्तरीय जागरूकता अभियान

-जिलाधिकारी की चेतावनी: नशे का कारोबार करने वालों की अब खैर नहीं, मेडिकल स्टोर्स, तस्करों पर चलेगा बुलडोजर

उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। अंतर्राष्ट्रीय नशा एवं तस्करी निषेध दिवस जनपद सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में जिला प्रशासन ने नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध का ऐलान कर दिया है। जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित बैठक में नोडल अधिकारी एवं जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि जिले में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति अब एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुकी है, जिसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन ने बहुआयामी रणनीति तैयार की है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने युवाओं में बढ़ते नशे की लत को समाज और राष्ट्र के लिए घातक बताते हुए कहा कि अब इस पर सख्त और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच की जाए, जहां से नकली, प्रतिबंधित या मादक दवाएं बिकने की शिकायतें आती रही हैं। यदि किसी भी स्टोर पर अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री पाई जाती है, तो उनके खिलाफ न केवल लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी, बल्कि उन्हें जेल भेजा जाएगा। यह भी तय किया गया कि आबकारी विभाग की टीमें संवेदनशील इलाकों में छापेमारी करेंगी और नशे के अवैध कारोबारियों की धरपकड़ तेज़ की जाएगी।

जागरूकता के स्तर पर भी प्रशासन ने व्यापक रणनीति बनाई है। जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिनमें छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया जाएगा। निबंध, भाषण और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को नशे के खिलाफ खड़ा होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गांवों और शहरी मोहल्लों में रैलियों, नुक्कड़ नाटकों और पम्पलेट वितरण जैसे माध्यमों से आम जनमानस को जागरूक किया जाएगा। सोशल मीडिया का भी भरपूर उपयोग किया जाएगा ताकि यह संदेश हर वर्ग तक पहुंचे। बैठक में जिला सूचना अधिकारी, औषधि विभाग, बेसिक शिक्षा, पुलिस, चिकित्सा, समाज कल्याण और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी भूमिका तय की। सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और लगातार फील्ड पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। आबकारी निरीक्षक अरविंद मिश्रा, नंदिनी यादव, संजय कुमार, राम आधार पाल और अनुपम सिंह को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्रवाई तेज़ करें और हर गतिविधि की रिपोर्ट प्रशासन को दें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब नशे के खिलाफ रामपुर में एक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। यह केवल सरकारी कार्यक्रम न होकर समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी होगी।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अगर अभी सही दिशा नहीं दी गई, तो आने वाला समय और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए अब नशे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासनिक सख्ती और जनजागरण दोनों को एक साथ लेकर चलना होगा। जिलाधिकारी ने अंत में सभी विभागों और सामाजिक संगठनों को जिम्मेदारी सौंपी कि वे अपनी-अपनी क्षमता अनुसार नशे के विरुद्ध जनआंदोलन खड़ा करें। उन्होंने कहा कि नशा रोकना सिर्फ कानून की जिम्मेदारी नहीं, यह हर नागरिक का फर्ज है। आज से रामपुर नशे के खिलाफ जाग चुका है। बैठक का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर यह शपथ ली कि रामपुर को नशे से मुक्त करना है और हर युवा को एक सुरक्षित, स्वस्थ और स्वावलंबी भविष्य देना है। यह स्पष्ट है कि अब रामपुर में नशे के खिलाफ सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव की बुनियाद रख दी गई है। जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी टीमें लगातार फील्ड पर काम कर रही हैं। मेडिकल स्टोर्स, पान दुकानों, संदिग्ध ठिकानों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन छापेमारी की योजना बनाई गई है। जो भी व्यक्ति या संस्था नकली, प्रतिबंधित या मादक दवाओं की बिक्री में संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारी प्राथमिकता है कि जिले के युवाओं को इस जहर से बचाया जाए और रामपुर को एक नशामुक्त मॉडल जनपद बनाया जाए। इसमें समाज की भी सक्रिय भागीदारी ज़रूरी है।

जागरूकता के हथियार से टूटेगी नशे की दीवार:
• स्कूलों में निबंध, भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताएं होंगी।
• युवाओं को नशा न करने की शपथ दिलाई जाएगी।
• गांव-गांव में पम्फलेट बांटे जाएंगे और नुक्कड़ नाटक कराए जाएंगे।
• सोशल मीडिया पर भी वीडियो, स्टोरी, रील्स के ज़रिए जागरूकता फैलाई जाएगी।

आबकारी विभाग का एक्शन प्लान: हर इलाके में होगी रेड
• जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार कर ली गई है।
• अवैध शराब, नशीले इंजेक्शन, गोलियां और सिरप के खिलाफ टीमें हर दिन अभियान चलाएंगी।
• पहचान छुपाकर कारोबार करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर विशेष नज़र रहेगी।
• दोषियों पर एनडीपीएस एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त केस दर्ज किए जाएंगे।