• सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ड्रोन से निगरानी, पुलिस कमिश्नर और डीसीपी सिटी ने संभाली कमान
• 24 घंटे चला जलाभिषेक, भक्तों की लगी लंबी कतारें
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। महाशिवरात्रि पर्व पर प्राचीन सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर में आस्था का महासागर उमड़ पड़ा। लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के चरणों में जलाभिषेक कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। मंदिर प्रशासन के अनुसार, 10 लाख से अधिक भक्तों ने शिवलिंग का जलाभिषेक किया, जिससे पूरे मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे। मंगलवार रात 12 बजे से लेकर बुधवार शाम 5 बजे तक मंदिर में जलाभिषेक का सिलसिला अनवरत जारी रहा। भक्तों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जस्सीपुरा मोड़ से मंदिर के मुख्य द्वार तक बैरिकेडिंग की गई और छह अलग-अलग लाइनों में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए आगे बढ़ाया गया। शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों, गणेश मंदिर (पटेल नगर), गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, डासना स्थित शिव शक्ति धाम, इंदिरापुरम, कौशांबी और मोहन नगर के शिवालयों में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने खुद अपनी पत्नी के साथ जलाभिषेक किया और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा।
सुरक्षा के कड़े इंतजा: पुलिस कमिश्नर और डीसीपी सिटी ने लिया जायजा
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।
• 500 से अधिक पुलिसकर्मी, दो कंपनी पीएसी, एलआईयू के अधिकारी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात रहे।
• ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से पूरी व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी गई।
• पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा और डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
• सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भीड़ में तैनात किए गए, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
• मंदिर परिसर और उसके आसपास रूट डायवर्जन लागू किया गया, जिससे यातायात सुचारू बना रहे।
शिव बारात और जागरण से गूंज उठा शहर
• मंगलवार रात 9 बजे भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई, जिसका भक्तों ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया।
• मंदिर के मुख्य द्वार पर जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति संगीत और कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया।
• प्रात: 3:30 बजे से 4:30 बजे तक भगवान दूधेश्वरनाथ का विशेष श्रृंगार और आरती हुई।
• भगवान को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।
श्रद्धालुओं के उत्साह ने हर इंतजार को बनाया आस्था का प्रतीक
• भले ही मंदिर में दर्शन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
• मंदिर प्रबंधन और पुजारियों ने बताया कि इस वर्ष महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सालों की तुलना में अधिक रही।
महंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव का व्रत रखकर उनकी पूजा-अर्चना करने और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस बार 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान दूधेश्वरनाथ का जलाभिषेक किया, जिससे यह पर्व ऐतिहासिक बन गया।
नगर निगम और मंदिर समिति की शानदार व्यवस्थाएं
• नगर निगम ने 24 घंटे सफाई अभियान चलाकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखा।
• 300 से अधिक डस्टबिन मंदिर परिसर में लगाए गए और कूड़ा उठाने के लिए विशेष टीमें तैनात रहीं।
• मंदिर समिति और प्रशासन ने मिलकर दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा, जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
भक्ति और सुरक्षा का अद्भुत समन्वय
इस बार महाशिवरात्रि पर प्रशासन, नगर निगम और मंदिर समिति ने भक्ति और सुरक्षा का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया। 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था और अनुशासन ने यह साबित कर दिया कि गाजियाबाद में धार्मिक उत्सव केवल परंपरा ही नहीं, बल्कि एक विराट आयोजन भी है।
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