संवेदनशील प्रशासन की मिसाल: अनुज स्वरुप की कार्यशैली से पासपोर्ट सेवाओं में नया विश्वास

-गाजियाबाद पासपोर्ट लोक अदालत में त्वरित समाधान, नागरिकों को मिली बड़ी राहत
-आवेदकों से सीधे संवाद कर समस्याओं का मौके पर समाधान
-पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर
-नागरिक-हितैषी प्रशासनिक शैली से बढ़ा भरोसा और संतुष्टि

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद में मंगलवार को आयोजित पासपोर्ट लोक अदालत ने न केवल लंबित मामलों के समाधान का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरुप की कार्यशैली को भी नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना दिया। उनकी संवेदनशील, पारदर्शी और नागरिक-केन्द्रित कार्यप्रणाली ने पासपोर्ट सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत किया है। विदेश मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित एवं मानवीय समाधान सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 आवेदकों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे अधिकारी से संवाद का अवसर प्राप्त किया। अनुज स्वरुप ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को धैर्यपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोक अदालत के दौरान कई मामले दस्तावेजों की कमी, पुलिस सत्यापन में विलंब, तकनीकी त्रुटियों और आवेदन प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण लंबित पाए गए।

अनुज स्वरुप ने इन समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय समन्वय को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र मामलों का तत्काल निस्तारण किया जाए और आवेदकों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उनकी कार्यशैली का सबसे उल्लेखनीय पहलू नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना रहा। वे औपचारिकता से परे जाकर आवेदकों की समस्याओं को समझते हुए समाधान-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते दिखाई दिए। कई आवेदकों ने बताया कि उन्हें पहली बार लगा कि उनकी समस्या को गंभीरता से सुना जा रहा है और प्रशासन वास्तव में समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुज स्वरुप ने कहा कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज नहीं, बल्कि नागरिक की पहचान और वैश्विक अवसरों से जुडऩे का माध्यम है। इसलिए पासपोर्ट सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सेवा वितरण प्रणाली को नागरिक-हितैषी बनाते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आधारशिला है। नागरिकों को स्पष्ट जानकारी, सही मार्गदर्शन और समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से लोक अदालत जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि नागरिकों को त्वरित राहत मिल सके। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अनुज स्वरुप की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सहजता और सकारात्मक दृष्टिकोण ने पूरे माहौल को भरोसेमंद बना दिया। आवेदकों ने इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने आश्वासन दिया कि गाजियाबाद पासपोर्ट कार्यालय भविष्य में भी नागरिकों को सुगम, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि आवेदन करते समय दस्तावेजों की पूर्णता और शुद्धता सुनिश्चित करें ताकि अनावश्यक विलंब से बचा जा सके। अनुज स्वरुप की कार्यशैली सुशासन के उन सिद्धांतों को मजबूत करती है जिनमें पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सहभागिता को प्राथमिकता दी जाती है। पासपोर्ट लोक अदालत जैसी पहलें प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास की दूरी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गाजियाबाद में आयोजित यह पहल दर्शाती है कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे तो सरकारी सेवाएँ अधिक प्रभावी और जन-अनुकूल बन सकती हैं। अनुज स्वरुप की कार्यशैली इसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में उभरकर सामने आई है।