नकली पनीर का काला कारोबार बेनकाब, एसीपी प्रियाश्री पाल की बड़ी छापेमारी

-स्वास्थ्य के दुश्मनों पर गाज, गाजियाबाद में नकली पनीर फैक्ट्री पर पुलिस का कहर
-क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त छापेमारी, सोयाबीन से बने अपायकर पनीर के नमूने जब्त

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सहायक पुलिस आयुक्त (वेव सिटी) प्रियाश्री पाल के नेतृत्व में थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस टीम ने शुक्रवार रात नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इलाके में फैली मिलावटखोरी का भंडाफोड़ किया। विशेष सूत्रों से सूचना मिली कि ग्राम डूण्डाहैड़ा, शांति नगर जलप्लांट अंडरपास के पास सड़क किनारे अधबनी दुकानों के पीछे रजनीश त्यागी द्वारा नकली पनीर फैक्ट्री चलाई जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद एसीपी प्रियाश्री पाल ने तुरंत पुलिस बल संग मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। जांच के दौरान फैक्ट्री में स्वेतांक त्यागी अपने 5-6 मजदूरों के साथ पनीर निर्माण में लिप्त पाया गया। मौके का नज़ारा चौंकाने वाला था, जगह-जगह सोयाबीन के कट्टे, खुले ड्रम में रखी सामग्री, चारों ओर फैली गंदगी, और पनीर पैकिंग एरिया में घूमते चूहे-छिपकलियां।

यह स्पष्ट था कि यहां तैयार हो रहा पनीर स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक था। एसीपी प्रियाश्री पाल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई सिर्फ कानून लागू करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सेहत बचाने के लिए भी की गई है। तत्काल प्रभाव से खाद्य सुरक्षा अधिकारी (सीएफएसओ) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने पनीर के नमूने एकत्र किए और पाया कि फैक्ट्री के पास किसी प्रकार का वैध लाइसेंस नहीं था। जो लाइसेंस प्रस्तुत किया गया, वह साई गार्डन, चिपियाना बुजुर्ग (जनपद गौतमबुद्ध नगर) के नाम पर जारी था, जबकि फैक्ट्री डूण्डाहैड़ा (जनपद गाजियाबाद) में संचालित हो रही थी।

खाद्य विभाग की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि लाइसेंस दूध एवं डेयरी उत्पाद के लिए था, जबकि यहां सोयाबीन उत्पाद (टोफू) का निर्माण और पैकेजिंग हो रही थी। यह नियमों का खुला उल्लंघन था। विभाग ने फैक्ट्री को नोटिस जारी किया और लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी। एसीपी प्रियाश्री पाल की मौजूदगी में पूरी फैक्ट्री को सील किया गया और नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया। परीक्षण रिपोर्ट व तहरीर प्राप्त होते ही दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।