-डीएम ने जारी की अंतिम सूची,गांवों की भूमि में 10 प्रतिशत रेट का इजाफा
गाजियाबाद। जनपद में नए डीएम सर्किल जारी हो जाने के बाद अब जमीन और मकान आदि संपत्तियां खरीदना महंगा हो गया। जिले में जमीनों की रजिस्ट्री के लिए नए डीएम सर्किल रेट जारी किए गए हैं। बुधवार को जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने अंतिम सूची जारी कर दी। यह रेट बुधवार से ही लागू हो गए। नए डीएम सर्किल रेट जारी होते ही सदर तहसील में इसका बैनामा लेखकों ने विरोध किया। वहीं,हड़ताल की भी तैयारी है। सब रजिस्ट्रार के कार्यालय भी बंद कराए गए। तहसील में विरोध होने के बाद फिर कार्य सामान्य रूप से चलने लगा। वकीलों ने रजिस्ट्री का समय बढाने की मांग की है,जो मंजूर कर ली गई है। नए डीएम सर्किल रेट लागू होने से वेव सिटी सिटी एवं आदित्य वर्ल्ड सिटी में आवासीय भूखंड की दरें 17300 से बढ़ाकर 50 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर करने का प्रस्ताव दिया था, जिसको कम करके वेव सिटी का 40 हजार रुपए कर दिया गया है।
जबकि आदित्य वर्ल्ड सिटी का 35 हजार रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा कृषि भूमि के रेट में भी बदलाव किया गया है। सभी गांवों के कृषि भूमि के रेट 10 फीसदी कर दिए गए। जनपद में संपत्ति और जमीन खरीदना महंगा हो गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व सौरभ भट्ट ने बताया कि जनपद में कृषि भूमि के 20 प्रतिशत तक डीएम सर्किल रेट बढ़ाए गए हैं। वहीं, कॉमर्शियल संपत्तियों के रेट में भी 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। शहर के कई इलाकों में डीएम सर्किल रेट बाजार रेट से काफी कम थे। इन्हें समान करने के लिए नए डीएम सर्किल रेट में बढ़ोतरी की गई है। जमीनों की कीमत अधिक होने के बाद भी डीएम सर्किल रेट कम होने से राजस्व का नुकसान होता हैं।
वेव सिटी और आदित्य वल्र्ड में आवासीय भूखंड की दरें पहले 17,300 रुपए प्रति वर्ग मीटर थी, इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर करने का प्रस्ताव दिया था। इन दोनों पर आपत्ति आई। आपत्ति के बाद वेव सिटी का सर्किल रेट 40 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया है। इसके अलावा कृषि जमीनों के रेट में भी बदलाव किया गया है। सभी गांवों की कृषि भूमि के रेट अब 10 फीसदी तक बढ़ाए गए हैं। नए डीएम सर्किल रेट में बढ़ोतरी करने के लिए एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्रों का सर्वे किया था। सर्वे पूरा होने के बाद प्रशासन ने प्रस्तावित दरों पर आपत्ति मांगी थी। 49 आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। हालांकि जिले में प्रॉपर्टी खरीद में बढ़ोतरी जारी है।
















