दुहाई-पतला-निवाड़ी मार्ग की बदहाल सड़कें देख दंग रह गए सीडीओ अभिनव गोपाल

-मुख्य विकास अधिकारी ने किया निरीक्षण, दोषियों के खिलाफ सख्त सुधारात्मक निर्देश जारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों को जोडऩे वाले कई मार्ग वर्षों से जर्जर और टूट-फूट भरे हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन कठिन हो गया है। शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल ने दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित दुहाई से पतला-निवाड़ी मार्ग और वाया नवीपुर, सुल्तानपुर, ढिंढार, खिमावती गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। सीडीओ अभिनव गोपाल खुद सड़कों की बदहाल स्थिति देखकर दंग रह गए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग अन्य जिला मार्ग श्रेणी का है, जिसकी प्रस्तावित लंबाई 19.700 किलोमीटर और चौड़ाई 3.75 मीटर है। इन मार्गों का निर्माण अप्रैल 2025 में किया गया था, जिसमें प्रारंभिक किलोमीटर में सीसी तथा आगे डामरीकरण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि किलोमीटर 2 से 10 के बीच सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, गहरे गड्ढ़े और उखड़ी कंकरीट वाली डामरी सड़क से यातायात खतरे में था। सीडीओ ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राम राजा और सहायक अभियंता डीके शर्मा को निर्देश दिए कि सड़क पर पाई गई डबकों को तुरंत ठीक किया जाए और मौसम अनुकूल होते ही क्षतिग्रस्त काली डामरी की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर सख्त निगरानी और नियंत्रण करने के साथ अवैध मिट्टी भंडारण और खनन को हटाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि सड़क के रजवाहे की दूसरी पटरी के पास किलोमीटर 1 से 10 के बीच अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है। इससे ओवरलोड मिट्टी से भरे डंपरों का आवागमन बढ़ रहा है, जो सड़क की स्थिति को और खराब कर रहा है। इसी प्रकार, किलोमीटर 12 व 13 पर भारी मात्रा में मिट्टी का अव्यवस्थित भंडारण भी मार्ग के लिए खतरा बन रहा था। सीडीओ अभिनव गोपाल ने कहा कि सड़क केवल निर्माण से सुरक्षित नहीं रहती, उसका दीर्घकालिक संरक्षण जरूरी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में मार्ग को क्षतिग्रस्त होने से रोकने के लिए समन्वित कार्ययोजना बनाई जाएगी।

पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इस पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। निरीक्षण के समय पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, संबंधित ठेकेदार, शिकायतकर्ता और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। वर्तमान में मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से संचालित है। सीडीओ ने आश्वस्त किया कि सड़क की गुणवत्ता सुधारने और ग्रामीणों को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। यह निरीक्षण ग्रामीण सड़कों की स्थिति को लेकर प्रशासन की तत्परता और दोषियों के खिलाफ सख्त रवैये का संकेत देता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह पहल लंबे समय से लंबित समस्याओं को हल करने में मदद करेगी और सड़क के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है।