-प्रगणकों और सुपरवाइजरों की नियुक्ति जल्द पूरी करें, प्रशिक्षण व्यवस्था समय से सुनिश्चित करने के आदेश
-पहली बार डिजिटल होगी जनगणना, 50-50 प्रगणकों के बैच बनाकर दिया जाएगा प्रशिक्षण
-स्वगणना को लेकर ग्रामीणों को करें जागरूक, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम सभा स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जनगणना प्रक्रिया से जोड़ा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों को गंभीरता से समझें और समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करें। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में जनगणना के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य की तैयारियों की समीक्षा की। यह चरण 22 मई से 20 जून तक 30 दिनों की अवधि में संचालित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनगणना निदेशालय लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य पूरी पारदर्शिता और त्रुटिरहित ढंग से कराया जाए।
उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 अप्रैल तक प्रत्येक दशा में प्रगणकों और सुपरवाइजरों की नियुक्ति सुनिश्चित कर ली जाए। साथ ही 15 अप्रैल से प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने हेतु चार्ज स्तर पर प्रशिक्षण स्थलों का चयन कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रशिक्षण के दौरान सभी कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, डिजिटल प्रणाली और फील्ड कार्य की बारीकियों को विस्तार से समझाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि गाजियाबाद में पहली बार डिजिटल जनगणना आयोजित की जाएगी, जिसके लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। प्रगणकों को 50-50 के बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि प्रत्येक कर्मचारी तकनीकी प्रणाली को भली-भांति समझ सके और कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान यदि कोई विषय समझ में न आए तो तुरंत प्रश्न पूछें, क्योंकि सही जानकारी ही सफल जनगणना की कुंजी है। बैठक में जिला पंचायती राज अधिकारी जाहिद हुसैन को निर्देश दिए गए कि ग्राम सभा स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।
लोगों को 7 मई से 21 मई तक आयोजित होने वाली स्वगणना प्रक्रिया के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे नागरिक स्वयं भी जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभा सकें और किसी प्रकार की भ्रांतियां उत्पन्न न हों। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और प्रशासनिक नीतियों का आधार बनते हैं, इसलिए यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि समय से पहले सभी तैयारियां पूरी कर जनगणना-2027 को सफल और त्रुटिरहित बनाया जाए। जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई यह पहल जनभागीदारी और तकनीकी दक्षता के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
















