-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100वें वर्ष में विजयदशमी पर आयोजित कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों ने दिखाया उत्साह और समाज सेवा का जज्बा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने शताब्दी वर्ष में वैशाली क्षेत्र में रविवार को विजयदशमी का उत्सव धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया। संघ के 100वें वर्ष में इस अवसर को विशेष रूप देने के लिए स्वयंसेवकों में अपार उत्साह और गौरव देखने को मिला। नगरवासियों ने भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्सव को और भी रंगीन बनाया। भागीरथ बस्ती में कार्यक्रम का शुभारंभ गेट नंबर 2 से किया गया। घोष के साथ निकाले गए भव्य पथ संचलन का मार्ग रामप्रस्ता के हाई राइज होते हुए पुन: कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुआ। इस पथ संचलन में नगर के स्वयंसेवकों के साथ-साथ बाल स्वयंसेवक और समाजबंधु भी शामिल हुए। रास्ते में नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर संघ और स्वयंसेवकों का स्वागत किया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह उत्सवमय बन गया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष गुलशन कुमार ने उपस्थित सभी को आशीर्वाद दिया और कार्यक्रम की सफलता पर अपनी खुशी व्यक्त की। मुख्य वक्ता प्रांत व्यवस्था प्रमुख अजय जी ने अपने संबोधन में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और जाति-पंथ से ऊपर उठकर कार्य करने की विचारधारा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास ही मानव धर्म और राष्ट्रहित में योगदान करते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। इसके बाद दूसरा कार्यक्रम श्रीराम बस्ती, सेंट्रल पार्क सेक्टर-1 में आयोजित किया गया। यहाँ से पूरे क्षेत्र में घोष के साथ भव्य पथ संचलन निकाला गया, जिसमें नगर के सभी स्वयंसेवक और समाजबंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के अध्यक्ष ओमप्रकाश भारती ने सभी का स्वागत किया और कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता विभाग समरसता संयोजक प्रियांक ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं के संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संतुलन और स्वदेशी जीवनशैली के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष प्रवेश पर यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपनी पहचान और कर्तव्य को समझें और भारत को पुन: विश्वगुरु बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। स्वयंसेवकों ने इस ऐतिहासिक अवसर को अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में निरंतर समर्पित रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संघचालक मदन, नगर संघचालक नीरज, नगर कार्यवाह धीरेन्द, नगर सह संघ चालक दिनेश सहित अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की भव्यता और स्वयंसेवकों की एकजुटता ने यह संदेश दिया कि संघ समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपने शताब्दी वर्ष में भी प्रतिबद्ध और सक्रिय है। इस आयोजन ने न केवल संघ के 100 वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मनाया, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव की भावना को भी नई ऊर्जा दी। नगरवासियों ने इस अवसर पर स्वयंसेवकों के कार्यों को सराहा और उन्हें समाज में प्रेरणा का स्रोत माना।

















