कंफर्म : उत्तर प्रदेश में नहीं खुलेंगे स्कूल-कॉलेज

-कोरोना की स्पीड को देखकर बैकफुट पर सरकार

उदय भूमि ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोविड-19 (कोरोना वायरस) की रफ्तार रूक नहीं पाई है। ऐसे में 21 सितम्बर यानि सोमवार से स्कूल-कॉलेज खोलने के फैसले से सरकार को पीछे हटना पड़ा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने रविवार को तस्दीक कर दी कि अभी शिक्षण संस्थान नहीं खोले जाएंगे। हालात सामान्य होने पर नए सिरे से निर्णय लिए जाने की बात संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। देशभर में कोरोना वायरस का प्रकोप चरम पर है। प्रतिदिन 90 हजार से ज्यादा संक्रमित केस सामने आने से मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। हालांकि भारत का रिकवरी रेट आज के समय में दुनिया में सबसे बेहतर है। योगी सरकार ने अनलॉक-4.0 में 21 सितम्बर से स्कूल-कॉलेज खोलने की अनुमति प्रदान कर दी थी। सरकार ने घोषणा की थी कि स्कूल-कॉलेज किसी भी बच्चे को बुलाने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। अभिभावकों की लिखित अनुमति के बाद बच्चों को स्कूल-कॉलेज में स्टडी हेतु बुलाया जार सकेगा, मगर कोरोना की मौजूदा स्थिति को देखकर माध्यमिक शिक्षा विभाग को बैकफुट पर आना पड़ा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार से सूबे में स्कूल-कॉलेज नहीं खुल पाएंगे। इससे पहले डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने भी 21 सितंबर से शिक्षण संस्थानों के खोले जाने पर असमर्थता जताई थी। उन्होंने कहा था कि सूबे में कोरोना के केस निरंतर बढ़ रहे हैं। इसके मद्देनजर स्कूल-कॉलेजों को आंशिक रूप से कार्य करने की अनुमति कम से कम इस माह देना संभव नहीं है। विद्यार्थियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है। बता दें कि मार्च के अंतिम सप्ताह के बाद से उत्तर प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थान बंद पड़े हैं। ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन क्लास का सहारा लेना पड़ रहा है।